लखनऊ में उन्नाव के देवर-भाभी की स्वाइन फ्लू से हुई मौत, जांच के लिए 16 लोगों के सैंपल KGMU भेजे गए

सूरज सिंह

• 10:55 AM • 08 Sep 2026

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में स्वाइन फ्लू (H1N1) से देवर-भाभी की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. बांगरमऊ तहसील के अटवा वैक गांव निवासी 50 साल के विजय शंकर और उनकी 56 साल भाभी उषा देवी की 2 और 3 सितंबर को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हुई.

Unnao Swine Flu Death News

Unnao Swine Flu Death News (Photo AI Generated)

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Unnao Swine Flu Death News: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में स्वाइन फ्लू (H1N1) से देवर-भाभी की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. बांगरमऊ तहसील के अटवा वैक गांव निवासी 50 साल के विजय शंकर और उनकी 56 साल भाभी उषा देवी की 2 और 3 सितंबर को लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हुई. दोनों की जांच रिपोर्ट में H1N1 वायरस पॉजिटिव आने की जानकारी सामने आई है. एक ही परिवार में दो मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संपर्क में आए परिजनों समेत 16 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं. हालांकि, जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या को लेकर CMO का बयान अब सवाल खड़े कर रहा है.

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लखनऊ में कराया गया भर्ती

मृतका उषा देवी के बेटे विवेक ने फोन पर बताया कि उनकी मां की तबीयत अचानक खराब हुई थी. पहले स्थानीय स्तर पर उनका इलाज कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसी दौरान उनके 50 साल के चाचा विजय शंकर की तबीयत भी खराब हो गई और उन्हें भी लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया. विवेक के मुताबिक इलाज के दौरान 2 सितंबर को उनके चाचा विजय शंकर की मौत हो गई, जबकि 3 सितंबर को उनकी मां उषा देवी ने भी दम तोड़ दिया. परिवार को बाद में दोनों की जांच रिपोर्ट में H1N1 वायरस पॉजिटिव होने की जानकारी मिली.

स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची

देवर-भाभी की स्वाइन फ्लू से मौत की जानकारी सामने आने के बाद उन्नाव स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ. स्वास्थ्य विभाग की टीम आनन-फानन में पीड़ित परिवार के घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई. इसके बाद मृतकों के संपर्क में आए परिजनों और अन्य लोगों के सैंपल लिए गए. कुल 16 लोगों के नमूने जांच के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ भेजे गए हैं. अब स्वास्थ्य विभाग को इन रिपोर्टों का इंतजार है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतकों के संपर्क में आने वाले किसी व्यक्ति में संक्रमण तो नहीं है.

CMO अजय कुमार शर्मा ने क्या कहा?

मामले में उन्नाव के मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार शर्मा का बयान भी चर्चा में है. उन्होंने कहा कि उन्नाव से सामने आने वाले स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज जिले में नहीं, बल्कि दूसरे जनपदों में चल रहा है. CMO के मुताबिक, जो दो लोग स्वाइन फ्लू से मरे हैं, उनके आधार कार्ड के अनुसार दोनों उन्नाव के ही निवासी थे. इसके बावजूद जिले में फिलहाल कितने मरीज H1N1 से संक्रमित हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है.

CMO अजय कुमार शर्मा ने कहा, 'जो भी पेशेंट सामने निकलकर उन्नाव के आए हैं, वह उन्नाव में नहीं हैं. उनका इलाज दूसरे जनपद में चल रहा है. इसलिए जिले में कितने मरीज हैं, इसकी जानकारी नहीं है.' उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू यानी H1N1 की जांच के लिए जिले में लैब तैयार कर ली गई है. जिला अस्पताल आने वाले मरीजों की जांच की जाएगी और यदि मामले बढ़ते हैं तो उनकी रिपोर्ट जांच के लिए लखनऊ के KGMU भी भेजी जाएगी. CMO के मुताबिक, पोर्टल पर मरीजों की सूची अपडेट होने के बाद ही जिले में मामलों की स्थिति स्पष्ट मानी जाएगी.

16 लोगों के सैंपल KGMU भेजे गए

अजय कुमार शर्मा ने यह भी कहा कि उन्हें अभी तक यह जानकारी नहीं है कि जिले में कितने लोग स्वाइन फ्लू वायरस से संक्रमित हैं. उनका कहना है कि जब तक कोई मरीज जिला अस्पताल आकर यह जानकारी नहीं देता कि वह स्वाइन फ्लू से संक्रमित है, तब तक स्वास्थ्य विभाग के पास उसका रिकॉर्ड नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जिले में लैब तैयार कर दी गई है और जिला अस्पताल आने वाले मरीजों का चेकअप किया जाएगा. फिलहाल दो मौतों के बाद 16 लोगों के सैंपल KGMU भेजे जाने से स्वास्थ्य विभाग की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं.