'2-3 दोस्त अभी भी मिसिंग...' गाजियाबाद के छात्र अतुल ने दिल्ली इमारत हादसे के बारे में बताई अनसुनी बात

मौसमी सिंह

• 03:34 PM • 07 Sep 2026

सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद आसपास के PG में रहने वाले छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई छात्रों को रात में कमरे खाली करने पड़े, जबकि कुछ अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और कॉलेजों में ठहरे हैं. हादसे में 7 लोगों की मौत के बाद इलाके को ब्लॉक किया गया है और छात्रों को अपने कमरों से सामान निकालने का इंतजार है.

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Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के हादसे के बाद आसपास रहने वाले छात्रों में दहशत का माहौल है. हादसे के बाद कई छात्रों को रातोंरात अपने PG और कमरों से बाहर निकलना पड़ा. अब आसपास के PG में रहने वाले छात्र दूसरे ठिकानों पर शिफ्ट हो रहे हैं.

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गाजियाबाद के रहने वाले और आर्यभट्ट कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अतुल ने हादसे के बाद की स्थिति बताई. उन्होंने कहा कि उनके कुछ दोस्त हादसे वाली इमारत के आसपास के PG में रहते हैं. हादसे के बाद उनकी बिल्डिंग में रखा सामान भी गिर गया और छात्रों को रात में ही वहां से निकलना पड़ा.

'मेरे दो-तीन दोस्त अभी भी मिसिंग हैं'

अतुल ने बताया कि उनका हादसे वाले PG में कोई करीबी दोस्त नहीं था, लेकिन उनके एक-दो म्यूचुअल फ्रेंड वहां रहते थे. उनके मुताबिक, इनमें से दो-तीन लोग अभी भी मिसिंग हैं. उन्होंने कहा कि हादसे वाली इमारत के आसपास कई दूसरे PG में उनके दोस्त रहते हैं. जब बिल्डिंग गिरी तो आसपास की इमारतों में भी सामान गिर गया. कमरों में रखे फर्नीचर और कबर्ड तक फैल गए.

रातोंरात PG छोड़कर निकले छात्र

अतुल के मुताबिक, आसपास रहने वाले छात्रों को रात में ही अपने PG खाली करने पड़े. इसके बाद कुछ छात्रों ने आसपास के कॉलेजों में शरण ली. उन्होंने बताया कि साउथ कैंपस के आसपास मौजूद कई कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने छात्रों के लिए अपने कॉलेज खोल दिए. इन जगहों पर छात्रों के ठहरने और खाने की व्यवस्था भी की जा रही है.

कुछ छात्र अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के फ्लैट में जाकर रुके हैं. वहीं, जिन छात्रों का सामान हादसे वाली इमारत के आसपास के PG में है, वे उसे निकालने का इंतजार कर रहे हैं.

'जगह पूरी तरह ब्लॉक है, सामान नहीं निकाल सकते'

अतुल ने बताया कि हादसे वाली बिल्डिंग के आसपास का इलाका फिलहाल ब्लॉक कर दिया गया है. इसलिए छात्र अपने कमरों में जाकर सामान भी नहीं निकाल पा रहे हैं.उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन की ओर से पूरी जगह को सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां जाना मुश्किल है. अतुल के मुताबिक, आसपास की कुछ इमारतों को लेकर भी छात्रों में डर बना हुआ है.

कैसे हुआ सत्य निकेतन में इमारत हादसा?

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई थी. हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है. फुटेज में इमारत के नीचे एक बुजुर्ग स्टॉल लगाए बैठे दिखाई देते हैं. अचानक मलबा और धूल गिरने लगती है. खतरा देखकर बुजुर्ग वहां से भागते हैं और कुछ ही सेकेंड बाद पूरी इमारत भरभराकर गिर जाती है.

पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था. आरोप है कि काम के दौरान पिलर और दीवारों से छेड़छाड़ की गई, जिससे इमारत का ढांचा कमजोर हो गया.

इस मामले में दिल्ली पुलिस के साउथ कैंपस थाने में इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने हरिराम गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है. 

हादसे में 7 लोगों की मौत

सत्य निकेतन इमारत हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. मलबे में अभी भी लोगों के फंसे होने की आशंका है. इनमें कई छात्र भी शामिल हैं.

हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्रवाई करते हुए MCD के अधिकारियों को सस्पेंड किया है. इनमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, SE रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार, असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) आशीष कुमार शामिल हैं.

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