उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बंटी खेड़ा गांव में अंकित बालियान की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. पीड़ित परिवार का ढांढस बंधाने के लिए राजनीतिक हस्तियों और कलाकारों का तांता लगा है. इस बीच हरियाणवी गायक मासूम शर्मा शुक्रवार दोपहर अंकित बालियान के घर पहुंचे. उन्होंने अंकित के परिवार से मुलाकात कर अपनी शोक संवेदना दी. साथ ही इस कठिन समय में परिवार को ढांढस बंधाया. खबर में आगे जानिए कि जब पत्रकारों ने मासूम शर्मा से पूछा कि 'आपको धमकी मिली थी आपको डर नही लग रहा', तो इसपर उन्होंने क्या जवाब दिया.
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देरी से मिलने आने पर कही ये बात
अंकित बालियान की हत्या के बाद से ही हरियाणा और उत्तर प्रदेश के तमाम कलाकार परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं. मासूम शर्मा ने मीडिया को बताया कि वह भी घटना के तुरंत बाद आना चाहते थे. लेकिन पूर्व में हरियाणा के बदमाशों से मिली धमकियों और अपनी शूटिंग व्यस्तताओं के कारण वह पहले नहीं आ सके थे. मासूम शर्मा के अनुसार उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान से बातचीत की और उनके साथ ही बंटी खेड़ा गांव पहुंचकर परिवार से मिलने का फैसला लिया.
बढ़ते अपराधों और धमकियों पर जताई चिंता
मीडिया से बातचीत के दौरान मासूम शर्मा ने क्षेत्र में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि जब समाज में अपराध बढ़ता है तभी इस तरह की दुखद और जघन्य घटनाएं देखने को मिलती हैं. उन्होंने उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में कलाकारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को समय-समय पर धमकियां मिलना आम बात हो गई है, जो बेहद चिंताजनक है.
'जवान बेटे के जाने की भरपाई कोई नहीं कर सकता'
पीड़ित परिवार के प्रति गहरी सहानुभूति प्रकट करते हुए मासूम शर्मा भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए उसके जवान बेटे का अचानक चले जाना ऐसा आघात है जिसकी भरपाई दुनिया की कोई भी चीज नहीं कर सकती. परिवार इस समय जिस असहनीय पीड़ा और दर्द से गुजर रहा है, उसे शब्दों में बयां करना मुमकिन नहीं है.
जब पत्रकारों ने मासूम शर्मा से पूछा ''आपको धमकी मिली थी आपको डर नही लग रहा?'' इसपर मासूम शर्मा ने कहा कि 'बड़ा अजीब सा सवाल है यार.' धमकियों के सवाल को टालते हुए उन्होंने साफ किया कि डर के साए में अपनों और समाज के लोगों का साथ नहीं छोड़ा जा सकता. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होना उनका नैतिक कर्तव्य है.
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