‘प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाल देंगे...’, फिर मांगे 2 लाख! शाहजहांपुर में पुलिस ही बनी किडनैपर, सर्राफा व्यापारी के साथ जो किया हैरान कर देगा!

विनय पांडेय

07 Sep 2026 (अपडेटेड: 07 Sep 2026, 01:30 PM)

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिसकर्मियों पर ही सर्राफा व्यापारी को बंधक बनाकर रंगदारी वसूलने का गंभीर आरोप लगा है. तिलहर थाने की बिरियागंज चौकी से जुड़े चार पुलिसकर्मियों ने व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय को कथित तौर पर फर्जी स्मैक तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी.

Shahjahanpur Extortion Case

Shahjahanpur Extortion Case - आरोपी पुलिसकर्मी

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Shahjahanpur Extortion Case: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिसकर्मियों पर ही सर्राफा व्यापारी को बंधक बनाकर रंगदारी वसूलने का गंभीर आरोप लगा है. तिलहर थाने की बिरियागंज चौकी से जुड़े चार पुलिसकर्मियों ने व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय को कथित तौर पर फर्जी स्मैक तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी. आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और परिजनों से 2 लाख रुपये मंगवाए गए. शिकायत और जांच के बाद दो सिपाहियों धीरेंद्र और पंकज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अरुण चित्तौड़िया और तुषार फरार हैं. चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

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ग्राहक बनकर व्यापारी को घर से बुलाया

परशुरामपुरी निवासी सर्राफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय के मुताबिक 4 सितंबर की शाम कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में ग्राहक बनकर उन्हें घर के बाहर बुलाने पहुंचे. इसके बाद उन्हें सुनसान स्थान पर ले जाया गया और फिर बिरियागंज चौकी ले जाया गया. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी में काली पन्नी रख दी और उन्हें स्मैक तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने लगे. व्यापारी के मुताबिक इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई.

मारपीट के बाद मांगे 2 लाख रुपये

पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें डराने के लिए प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की बात कही. व्यापारी सुंदरम ने बताया 'मैंने हाथ-पैर जोड़कर ऐसा न करने की गुहार लगाई, जिसके बाद उन्होंने पेट्रोल नहीं डाला.' इसके बाद उन्होंने अपने पिता को फोन किया. आरोप है कि पुलिसकर्मियों के दबाव में पिता ने 2 लाख रुपये दिए. रकम मिलने के बाद ही व्यापारी को छोड़ा गया. इस पूरी घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है.

जांच में आरोप सही मिले

एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया 'पीड़ित सुंदरम ने 6 सितंबर को तहरीर दी थी. जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद अभियोग पंजीकृत किया गया.' पुलिस के मुताबिक मामले में सिपाही धीरेंद्र और पंकज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अरुण चित्तौड़िया और तुषार की तलाश जारी है. एसपी सिटी ने बताया कि चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं.