Swatantra Bhardwaj FIR News: दिल्ली के जंतर-मंतर मारपीट मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ अब POCSO एक्ट समेत कई धाराओं में FIR दर्ज की गई है. नई FIR में BNS की धारा 78, 79 और 351 के साथ POCSO एक्ट की धारा 12 और IT एक्ट की धारा 67 शामिल की गई है. बता दें कि इन दर्ज की गई धाराओं में जमानती धाराएं भी हैं और इन धाराओं के तहत तत्काल गिरफ्तारी जरूरी नहीं होती. यह कार्रवाई उस मामले में हुई है, जिसमें 14 साल की बच्ची के पिता के साथ जंतर-मंतर पर मारपीट का आरोप स्वतंत्र भारद्वाज पर लगा था.
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किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
FIR में BNS की धारा 78 के तहत पीछा करने यानी स्टॉकिंग का आरोप है. इस धारा में 3 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है और यह जमानती है. धारा 79 महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से जुड़ी है, जिसमें 3 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है. वहीं धारा 351 आपराधिक धमकी से संबंधित है, जिसमें 2 साल तक की जेल का प्रावधान है और यह भी जमानती धारा है.
IT एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं
मामले में POCSO एक्ट की धारा 12 भी लगाई गई है, जो बच्चे के यौन उत्पीड़न से संबंधित है. इसके तहत 3 साल तक की सजा का प्रावधान है. इसके अलावा IT एक्ट की धारा 67 भी FIR में शामिल की गई है, जिसके तहत 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है. इस तरह मामले में कुल पांच धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.
बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था. इसके अगले दिन 5 सितंबर को उसे कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर स्थित जज के सामने पेश किया गया. सुरक्षा और अन्य कारणों के चलते सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई. पुलिस ने जांच और पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की, जिसके बाद अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया.
क्या है जंतर-मंतर का पूरा मामला?
मामला 23 जून 2024 का है, जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान शिकायतकर्ता अपनी 14 साल की बेटी के साथ पहुंचे थे. वहां वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ था. आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने बच्ची के पिता के साथ मारपीट की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और कई टांके लगाने पड़े. बाद में मामले में SC/ST एक्ट और POCSO एक्ट जैसी धाराएं भी जुड़ीं.
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा था विवाद
हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में वह कथित तौर पर घटना को लेकर कहता नजर आया 'मैंने एक बच्ची के पिता का सिर फाड़ दिया था.' साथ ही उसने नेताओं का जिक्र करते हुए कहा 'बड़े-बड़े नेताओं के 'बड़े भाई' होने के कारण मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका और मुझे जेल नहीं जाना पड़ा.' वीडियो सामने आने के बाद राहुल गांधी, चंद्रशेखर आजाद समेत विपक्षी नेताओं ने पुलिस और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की. वहीं स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया.
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