मन्नत पूरी नहीं हुई तो पुजारी को बना लिया बंधक, फिर उनके परिवार से की ये डिमांड, नोएडा की अजीबोगरीब कहानी

भूपेंद्र चौधरी

13 Sep 2026 (अपडेटेड: 13 Sep 2026, 06:22 PM)

Noida Priest Kidnapping: नोएडा में रहने वाले एक पुजारी को यजमानों ने बस इसलिए बंधक बना लिया, क्योंकि उनके द्वारा कराए गए अनुष्ठान से मन्नत पूरी नहीं हुई थी. आरोपियों ने पुजारी को पूजा कराने के बहाने जौनपुर बुलाया. इसके बाद उन्होंने पुजारी को बंधक बनाकर एक लाख रुपये की फिरौती की मांगी.

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Noida Priest Kidnapping: उत्तर प्रदेश से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हाल ही में आई गुल्लक सीरीज के 5वें सीजन में फिल्माए गए एक सीन की याद दिला दी है. दरअसल नोएडा में रहने वाले एक पुजारी को यजमानों ने बस इसलिए बंधक बना लिया, क्योंकि उनके द्वारा कराए गए अनुष्ठान से मन्नत पूरी नहीं हुई थी.

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आरोपियों ने पुजारी को पूजा कराने के बहाने जौनपुर बुलाया. इसके बाद उन्होंने पुजारी को बंधक बनाकर परिजनों से पूजा में खर्च हुई रकम वसूलने के लिए 1 लाख रुपए की फिरौती मांगी. जब परिजनों को बंधक बनाए जाने और फिरौती की खबर मिली, तो उन्होंने इसकी तुरंत पुलिस से शिकायत की. इस मामले में नोएडा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पुजारी को आरोपियों के गिरफ्त से सुरक्षित छुड़वा लिया है. 

पूजा कराने जौनपुर गए थे पुजारी

अनिल कुमार तिवारी नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद गांव में रहते हैं. पेशे से उनका काम पूजा-पाठ और अनुष्ठान कराना है. बीते 5 सितंबर 2026 को वह एक पूजा के सिलसिले में जौनपुर गए थे. परिवार को जब काफी समय तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिली, तो चिंता बढ़ने लगी. इसी बीच, उनके बेटे के पास एक लाख रुपये की फिरौती का फोन आ गया, जिसके बाद परेशान परिजनों ने तुरंत नोएडा के सेक्टर-113 थाने में शिकायत दर्ज कराई.

मन्नत पूरी न होने पर बंधक

पुलिस की शुरुआती जांच में अपहरण की बेहद अजीब वजह सामने आई है. दरअसल, गिरफ्तार आरोपियों ने कुछ समय पहले अनिल कुमार तिवारी से अपने घर में कोई अनुष्ठान कराया था और एक मन्नत मांगी थी. जब उनकी मनोकामना पूरी नहीं हुई, तो आरोपियों ने अनुष्ठान में खर्च हुए पैसे वापस लेने की ठान ली. इसी साजिश के तहत उन्होंने पुजारी को दोबारा जौनपुर बुलाया और बंधक बनाकर पैसों की मांग शुरू कर दी.

पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और अन्य तकनीकी मदद से पुजारी की तलाश की. जांच के दौरान 11 और 12 सितंबर की रात पुलिस टीम को आरोपियों के बारे में अहम सुराग मिला था. पुलिस ने मुखिया मार्केट के पास एक कच्चे रास्ते से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान आशीष यादव उर्फ बाबा और प्रवेश यादव उर्फ गोरे के रूप में हुई है. आरोपी वहां फिरौती के पैसे लेने आए थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया.

आरोपियों से हथियार भी हुए बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार भी बरामद किए हैं. आशीष यादव के पास से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले हैं, जबकि प्रवेश यादव के पास से एक चाकू मिला है. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे सिर्फ मन्नत पूरी न होने का कारण है, या फिर कोई और कहानी भी है. इसके अलावा, इस पूरी साजिश में और भी लोगों के शामिल होने की भी पड़ताल की जा रही है.

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