उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से शामली तक बन रहा है 62.25 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, इन गांवों में जमीन अधिग्रहण का काम शूरू
Gorakhpur Shamli Expressway: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से शामली तक नया एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है. इस नए हाईस्पीड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए प्रशासन ने काम तेज कर दिया है. अब इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम भी शुरू हो गया है.
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Gorakhpur Shamli Expressway: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से शामली तक नया एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है. इस नए हाईस्पीड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए प्रशासन ने काम तेज कर दिया है. अब इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम भी शुरू हो गया है. प्रशासन ने रेलवे ओवर ब्रिज, सर्विस पटरी और टोल प्लाजा बनाने के लिए कुछ और जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव दिया है. इस अतिरिक्त जमीन के लिए सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन ने बांसी तहसील क्षेत्र के आठ गांवों में 34.1015 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से औपचारिक पत्र मिलने के बाद प्रशासन ने जमीन की जांच के लिए एक विशेष टीम भी बनाई है.
इन आठ गांवों में होगा अधिग्रहण
आरओबी और टोल प्लाजा के लिए अतिरिक्त जमीन बांसी तहसील के आठ गांवों से ली जाएगी. प्रशासन ने इस नई योजना के लिए महोखवा, बहादुरपुर, भटौली, सोरवामाफी, सुहईकनपुरवा, अक्लोही, परसा और सिरसिया गांव को शामिल किया है. एनएचएआई की तरफ से जमीन के लिए थ्री-ए का प्रकाशन पहले ही कराया जा चुका है.
संयुक्त टीम करेगी स्थलीय सत्यापन
अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ करने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है. इस टीम में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, एनएचएआई के प्रतिनिधि, लेखपाल और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल हैं. यह टीम तय तारीखों पर गांव-गांव जाकर किसानों के मालिकाना हक, खतौनी और जमीन का सीधा सत्यापन करेगी, ताकि असली भू-स्वामियों की सही पहचान हो सके.
दो चरणों में बनेगा यह एक्सप्रेसवे
जिले के अंदर इस शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 62.25 किलोमीटर होगी. इसका पूरा निर्माण कार्य दो अलग-अलग चरणों में किया जाएगा.
पहले चरण में बांसी तहसील के 20, डुमरियागंज के 28 और इटवा तहसील के 15 गांव शामिल हैं. इस हिस्से में लगभग 45.16 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रस्तावित है.
दूसरे चरण में बांसी तहसील के 26 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा. यहां लगभग 17.09 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का निर्माण होना है.
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