SIR को ना कहना कौशांबी के सरकारी टीचर ऋषि त्रिपाठी पर पड़ गया भारी, BSA ने लिया ये ऐक्शन

अखिलेश कुमार

24 Nov 2025 (अपडेटेड: 24 Nov 2025, 01:45 PM)

कौशांबी जिले के सिराथू तहसील में निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में ऋषि कुमार त्रिपाठी नाम के एक सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया गया है. सहायक अध्यापक ने SIR निरीक्षण करने से मना कर दिया था.

Action Against teacher for negligence in election work.

Action Against teacher for negligence in election work.

Google CTA

कौशांबी जिले के सिराथू तहसील में निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में ऋषि कुमार त्रिपाठी नाम के एक सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया गया है. सहायक अध्यापक ने SIR निरीक्षण करने से मना कर दिया था. इस मामले की शिकायत सिराथू उपजिलाधिकारी ने सीधे बेसिक शिक्षा अधिकारी से कर दी. शिकायत मिलते ही विभाग हरकत में आया और बिना देरी किए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित सहायक अध्यापक ऋषि कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया. 

यह भी पढ़ें...

विधानसभा निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण कार्य SIR के दौरान उप जिलाधिकारी सिराथू के निर्देशन में BLO को गणना प्रपत्र प्राप्त कर कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए थे. इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय मोचारा खास में तैनात सहायक अध्यापक ऋषि कुमार त्रिपाठी को कई बार मोबाइल फोन के माध्यम से SIR गणना प्रपत्र प्राप्त करने के लिए सूचित किया गया था. लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद सहायक अध्यापक ऋषि कुमार ने काम करने से मना कर दिया. लगातार निर्देश देने के बाद भी उन्होंने SIR प्रपत्र प्राप्त नहीं किए. इस वजह से निर्वाचन पुनरीक्षण प्रक्रिया प्रारम्भ ही नहीं हो सकी. इस लापरवाही से अधिकारियों को उच्च स्तर पर असंतोष का सामना करना पड़ा.

इसी मामले में उप जिलाधिकारी सिराथू ने 15 नवंबर को रिपोर्ट प्रस्तुत की. रिपोर्ट में पाया गया कि सहायक अध्यापक ऋषि कुमार ने अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की तथा निर्वाचन जैसे बहुत जरूरी दायित्व में जानबूझकर बाधा उत्पन्न की.  ऐसे में सहायक अध्यापक ऋषि कुमार त्रिपाठी के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें प्राथमिक विद्यालय मोचारा खास, विकास खंड-कड़ा से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

इस मामले पर बात करते हुए बीएसए ने यह भी कहा कि निर्वाचन कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बीएलओ को जनपद स्तर पर उच्चाधिकारियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा. इस दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

ये भी पढ़ें: बागपत का सुबोध दूल्हा बन बग्गी पर चढ़ रहा था, तभी जिस तरह से हुई उसकी मौत, जिसने देखा वह कांप गया