बदायूं के सैजनी गांव में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एथेनॉल प्लांट में गुरुवार को हुए खौफनाक दोहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को दहला दिया है. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. इस मुठभेड़ में एक पुलिस सिपाही भी घायल हुआ है.
ADVERTISEMENT
मुठभेड़ के वक्त क्या-क्या हुआ?
सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि HPCL प्लांट में डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता और सहायक जनरल मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या के बाद आरोपी अजय प्रताप सिंह फरार हो गया था. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह दो तमंचों के साथ प्लांट में घुसा था और जान से मारने की नीयत से दोनों अधिकारियों पर फायरिंग की थी.
सीओ देवेंद्र कुमार के अनुसार, हत्या के बाद वह HPCL की ही गाड़ी लेकर भाग निकला और रास्ते में मुरसेना के जंगल के पास हत्या में इस्तेमाल तमंचा छिपा दिया. जब पुलिस टीम उसे हथियार बरामदगी के लिए जंगल ले गई, तो आरोपी ने वहीं छिपाए हुए तमंचे से पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया. इस फायरिंग में एक सिपाही घायल हो गया. पुलिस ने जवाबी फायरिंग की जिसमें आरोपी अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा है. आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
पोस्टमॉर्टम हाउस पर परिजनों का फूटा गुस्सा
मालूम हो कि घटना के बाद मारे गए अधिकारियों सुधीर कुमार गुप्ता और हर्षित मिश्रा का पोस्टमॉर्टम बदायूं के पोस्टमॉर्टम हाउस में कराया गया. इस दौरान वहां परिजनों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ जमा रही. माहौल गमगीन था. लेकिन साथ ही परिजनों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश भी देखने को मिला. मृतक हर्षित मिश्रा के परिवार ने आरोप लगाया कि यह घटना पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था की घोर लापरवाही का नतीजा है.
मृतक हर्षित की मां ने लगाए ये बड़े गंभीर आरोप
मृतक हर्षित मिश्रा की मां रानी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बेटे की जान को खतरा था और इसकी जानकारी सबको दी गई थी. रानी देवी ने कहा, "मेरे बेटे ने कई बार बताया था कि उसकी जान को खतरा है. हमने डीएम, एसपी और विधायक तक से शिकायत की थी, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी.आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू खुलेआम धमकियां देता था और अपने गैंग का डर दिखाता था."
उन्होंने आगे कहा, "मीटिंग में कई लोग मौजूद थे, लेकिन केवल मेरे बच्चे को ही क्यों मार दिया गया? किसी और को खरोंच तक नहीं आई. ऐसा लगता है कि सिक्योरिटी वाले भी मिले हुए थे. सब भाई-बंधु उन्हीं के थे."
मामा और पिता ने भी उठाए सवाल- हथियार लेकर अंदर कैसे पहुंचा?'
हर्षित के मामा प्रभात ने बताया कि आरोपी पहले से ही धमकियां देता था और गाड़ियों का पीछा करता था. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी सुरक्षा के बावजूद वह हथियार लेकर प्लांट के अंदर कैसे दाखिल हो गया? वहीं, हर्षित के पिता सुशील कुमार ने बताया कि उन्होंने एसएसपी कार्यालय में आवेदन दिया था और मुकदमा भी दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस ने आरोपी पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूमता रहा और अंत में उसने दो लोगों की हत्या कर दी.
प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार और हल्का प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सस्पेंड
वारदात के बाद पुलिस प्रशासन की लापरवाही उजागर होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाया है. सीओ की रिपोर्ट के आधार पर थाना मूसाझाग के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार और क्षेत्र के हल्का प्रभारी धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि पूर्व में मिली शिकायतों पर इन अधिकारियों ने क्या कदम उठाए थे.
बदायूं के सांसद आदित्य यादव ने जताई नाराजगी
बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक औद्योगिक परिसर के अंदर दिनदहाड़े ऐसी वारदात होना दुखद और शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है और दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए.
ADVERTISEMENT









