Ghazipur News: माफिया मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी ने प्रशासन द्वारा कुर्क की गई अपनी संपत्ति को वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई में बड़ी जीत का दावा किया है. माफिया मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश लेकर डीएम दरबार पहुंचे. मंसूर का दावा है कि जिस अंसारी कटरा को प्रशासन ने बेनामी संपत्ति बताकर कुर्क किया था उसे हाईकोर्ट ने वैध माना है.
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क्या है पूरा मामला?
साल 2023 में उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट 1986 के तहत कार्रवाई करते हुए गाजीपुर प्रशासन ने यूसुफपुर बाजार स्थित अंसारी कटरा को बेनामी संपत्ति घोषित कर कुर्क कर दिया था. प्रशासन का मानना था कि यह संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की गई है. हालांकि मंसूर अंसारी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
शुक्रवार को डीएम ऑफिस पहुंचे मंसूर अंसारी ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार को बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने ताजा आदेश में निचली अदालत के फैसले और कुर्की की पूरी कार्रवाई को निरस्त कर दिया है. न्यायालय ने इस संपत्ति को वैध माना है. इस दौरान मंसूर ने कहा कि 'मैं बहुत परेशान हूं.मुझे अफसोस है कि मेरे पिता द्वारा मेहनत से बनाई गई संपत्ति को भी सरकार ने इस कार्रवाई के दौरान कुर्क कर लिया था. अब न्यायालय से हमें बड़ी राहत मिली है.'
जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी प्राप्त की और कहा कि विधिक प्रक्रिया के अनुसार इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा. वहीं मंसूर अंसारी ने पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के हालिया बयानों पर किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया. उन्होंने पूरी तरह से अदालती आदेश पर भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई कि उनकी पुश्तैनी जायदाद उन्हें जल्द वापस मिल जाएगी.
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