जन्मदिन पर काटा केक, अगले दिन मौत... 36 साल की मंजू की अंतिम संस्कार की थी तैयारी तभी पहुंच गई पुलिस फिर...

यूपी तक

• 03:28 PM • 10 Oct 2026

उत्तर प्रदेश के झांसी में 36 साल की मंजू अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मंजू ने 6 अक्टूबर को अपना जन्मदिन मनाया था और केक भी काटा था, लेकिन अगले ही दिन 7 अक्टूबर को वह घर में फंदे पर लटकी मिली.

Jhansi Manju Ahirwar Death News

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Jhansi  Manju Ahirwar Death News: उत्तर प्रदेश के झांसी में 36 साल की मंजू अहिरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मंजू ने 6 अक्टूबर को अपना जन्मदिन मनाया था और केक भी काटा था, लेकिन अगले ही दिन 7 अक्टूबर को वह घर में फंदे पर लटकी मिली. परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पति अजय प्रताप का दावा है कि मंजू ने खुद फांसी लगाई, जबकि मायके पक्ष ने उसकी मौत पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है. दोनों पक्षों के बीच विवाद के बाद पुलिस ने मुक्तिधाम पहुंचकर अंतिम संस्कार रुकवा दिया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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जन्मदिन के अगले दिन घर में फंदे पर मिली मंजू

यह मामला झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है. मृतका की पहचान मंजू अहिरवार के रूप में हुई है, जो मसीहागंज इलाके में अपने पति अजय प्रताप के साथ रहती थी. परिजनों के मुताबिक, 6 अक्टूबर को परिवार ने मंजू का जन्मदिन मनाया था. घर में केक काटा गया था और पति का कहना है कि उस दिन किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था. हालांकि, अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को मंजू घर में फंदे पर लटकी मिली. परिवार के लोग उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद ससुराल पक्ष के लोग शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मुक्तिधाम पहुंच गए.

पुलिस ने रुकवाया अंतिम संस्कार

मंजू की मौत की जानकारी मिलने पर उसका भाई मनोज कुमार अपनी पत्नी गीता के साथ झांसी पहुंचा. मायके पक्ष ने घटना को लेकर संदेह जताया और ससुराल वालों से विवाद हो गया. मनोज ने पुलिस से शिकायत करते हुए अपनी बहन की हत्या किए जाने की आशंका जाहिर की. उसका कहना था कि मंजू की मौत सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई. जब वह पुलिस को लेकर घर पहुंचा, तब तक शव को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले जाया जा चुका था. इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रुकवा दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया. पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई गई.

भाई का आरोप- हत्या के बाद फंदे पर लटकाया गया शव

मंजू के भाई मनोज कुमार ने उसकी मौत को लेकर गंभीर आशंका जताई है. उसका आरोप है कि मंजू ने अपने वैवाहिक जीवन में परेशानियां झेली थीं और पहले भी उसके साथ मारपीट होने की बातें सामने आई थीं. मनोज को शक है कि उसकी बहन की हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाया गया हो सकता है. उसने पति-पत्नी के बीच शराब को लेकर विवाद होने की बात भी कही है. हालांकि, ये आरोप मायके पक्ष की ओर से लगाए गए हैं. फिलहाल पुलिस ने मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है. मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम मानी जा रही है, जिससे मंजू की मौत की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिल सकती है.

पति अजय प्रताप ने आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर, मंजू के पति अजय प्रताप ने हत्या के आरोपों को खारिज किया है. उसका कहना है कि घटना के दिन वह पेट्रोल पंप पर काम करने गया हुआ था. अजय के मुताबिक, उसका बेटा भी काम पर गया था और घर पर मौजूदगी के दौरान ही मंजू ने फांसी लगा ली. परिवार के लोगों ने उसे फंदे पर लटका देखा तो नीचे उतारा और अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अजय का कहना है कि उसे खुद नहीं पता कि मंजू ने ऐसा कदम क्यों उठाया. उसने यह भी बताया कि घटना से एक दिन पहले परिवार ने मंजू का जन्मदिन मनाया था और उस दौरान किसी तरह का विवाद नहीं हुआ था. पति और भाई के बयानों में अंतर के कारण पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.

पहली शादी से एक बेटा, दूसरी शादी से दो बच्चे

मंजू की पारिवारिक जिंदगी को लेकर उसकी भाभी गीता ने जानकारी दी. उनके मुताबिक, मंजू की पहली शादी साल 2006 में ज्योरौन गांव में हुई थी. इस शादी से उसका एक बेटा है, जिसकी उम्र करीब 18 साल बताई गई है. वैवाहिक जीवन में मनमुटाव के बाद मंजू अपने पहले पति से अलग हो गई थी और मायके में रहने लगी थी. इसके बाद उसकी नजदीकियां अपनी ममेरी बहन के देवर अजय प्रताप से बढ़ीं. दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और करीब 11 साल पहले उन्होंने शादी कर ली. इसके बाद मंजू अपने बेटे के साथ अजय के साथ रहने लगी. इस शादी से उसके दो बच्चे हुए. परिवार के मुताबिक, शादी के शुरुआती वर्षों में मंजू अपने पति के साथ माता-पिता के पास रही थी.

बाद में झांसी में रहने लगा परिवार

परिजनों के मुताबिक, मंजू और अजय ने शादी के बाद कुछ समय परिवार के साथ बिताया. बाद में वे झांसी आकर रहने लगे. मंजू मसीहागंज इलाके में पति अजय प्रताप के साथ रहती थी. उसके पहले विवाह से एक बेटा और दूसरी शादी से दो बच्चे हैं. फिलहाल उपलब्ध जानकारी में बच्चों की घटना के समय मौजूदगी को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. मंजू की मौत के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. मायके पक्ष ने घटना पर संदेह जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की, जबकि पति ने इसे आत्महत्या बताया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की है. ऐसे में परिवार की पृष्ठभूमि और दोनों पक्षों के बयान जांच के दौरान महत्वपूर्ण हो सकते हैं.

पिता की मौत के बाद संपत्ति को लेकर विवाद का दावा

मंजू के मायके पक्ष ने परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद होने का भी दावा किया है. परिजनों के मुताबिक, मंजू के पिता की मौत साल 2022 में हुई थी. इसके बाद 2023 में मंजू ने अपने और अपने बेटे के हिस्से को लेकर परिवार में बात रखी थी और शिकायत भी की थी. उसकी भाभी गीता का कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से परिवार के लोगों की मंजू से बातचीत नहीं थी. बाद में रिश्तेदारों के जरिए उन्हें पता चला कि मंजू मायके की संपत्ति में हिस्सा लेने की इच्छुक नहीं थी. परिवार ने आरोप लगाया कि उसके पति की ओर से हिस्सा लेने का दबाव बनाया जा रहा था. हालांकि, संपत्ति को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस की ओर से इस मामले में जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं.

मायके पक्ष ने मारपीट की भी शिकायत की

मंजू के भाई मनोज कुमार के मुताबिक, बहन की मौत के बाद जब वह अपनी पत्नी गीता के साथ झांसी पहुंचा तो ससुराल पक्ष के लोगों से विवाद हुआ. मनोज ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई. इसके बाद वह पुलिस के पास पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई. मनोज का कहना है कि उसे अपनी बहन की मौत पर संदेह है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. शिकायत के बाद पुलिस उसके साथ मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक शव को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले जाया जा चुका था. पुलिस ने वहां पहुंचकर अंतिम संस्कार रुकवाया और शव को कब्जे में लिया. अब पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.

पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

सीपरी बाजार थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि एक महिला के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा है. मृतका के भाई की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवा दिया. इसके बाद शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया गया. पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई गई. फिलहाल पुलिस मौत की असल वजह का पता लगाने में जुटी है. पति का कहना है कि मंजू ने आत्महत्या की, जबकि भाई ने हत्या की आशंका जताई है. दोनों के दावों में अंतर होने के कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो सकती है मौत की वजह

मंजू अहिरवार की मौत के मामले में अभी कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है. जन्मदिन मनाने के अगले दिन उसकी मौत हो गई, जिसके बाद पति और मायके पक्ष के बयान अलग-अलग सामने आए हैं. भाई ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का दावा किया है. मायके पक्ष ने वैवाहिक जीवन में परेशानियों, मारपीट और संपत्ति से जुड़े विवाद के आरोप भी लगाए हैं. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच जारी है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि मंजू की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी.

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