उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में खाकी और कुश्ती का एक अनोखा संगम देखने को मिला है. कोइरोना थाने में तैनात दारोगा प्रमोद यादव ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की ड्यूटी से लौटते समय सोनीचा मेले के दंगल में एक पहलवान का ओपन चैलेंज स्वीकार कर लिया. दरोगा जी ने अखाड़े में उतरकर अपने दांव-पेच दिखाए और विपक्षी पहलवान को चारों खाने चित्त कर कुश्ती जीत ली. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी पड़ताल में यह खबर पूरी तरह सच पाई गई है.
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सीएम ड्यूटी से लौटते ही अखाड़े में उतरे दारोगा
जानकारी के अनुसार, रविवार 4 अक्टूबर को भदोही के कोइरोना थाने में तैनात दारोगा प्रमोद यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की ड्यूटी में तैनात थे. ड्यूटी खत्म करने के बाद जब वे लौट रहे थे, तो उनके थाना क्षेत्र के सोनीचा गांव में चल रहे मेले के दंगल के पास से गुजरे. वहां अखाड़े में एक पहलवान खुलेआम सभी को कुश्ती लड़ने की चुनौती (ओपन चैलेंज) दे रहा था. पहलवान की चुनौती देखकर प्रमोद यादव खुद को रोक न सके और वर्दी की मर्यादा के साथ-साथ खिलाड़ी के जज्बे को कायम रखते हुए सीधे अखाड़े में उतर गए. उन्होंने अपनी कुश्ती की कला का प्रदर्शन करते हुए पहलवान को पटखनी दी और मैच अपने नाम कर लिया.
कौन हैं अंतरराष्ट्रीय पहलवान दारोगा प्रमोद यादव?
अखाड़े में अपनी धाक जमाने वाले प्रमोद यादव मूल रूप से गाजीपुर जिले के बहादुरगंज के रहने वाले हैं. वे महज 17.5 साल की उम्र में खेल कोटे के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे. प्रमोद यादव कोई साधारण पुलिसकर्मी नहीं बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान हैं. यूपी पुलिस की ओर से खेलते हुए उन्होंने लगातार 16 साल तक स्वर्ण पदक जीता है.
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित 'वर्ल्ड पुलिस कुश्ती चैंपियनशिप' में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया था. इसके अलावा वे सब-जूनियर टीम के साथ लाहौर (पाकिस्तान) जाकर भी मुकाबले लड़ चुके हैं और नेशनल चैंपियनशिप में कई मेडल जीते हैं. साल 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) के लिए भी उनका चयन हुआ था. हालांकि टॉस के कारण वे उसमें हिस्सा नहीं ले पाए थे.
सीएम योगी से मिल चुका है 'गोरखपुर केसरी' का सम्मान
प्रमोद यादव गोरखपुर जिले में करीब 8 सालों तक तैनात रहे हैं. कुश्ती में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें 'गोरखपुर केसरी' के सम्मान से नवाज चुके हैं. इसके अलावा हाल ही में जोनल पुलिस कुश्ती चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने पर भदोही के तत्कालीन एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने भी उन्हें सम्मानित किया था. ड्यूटी के तुरंत बाद अखाड़े में उतरकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे एक मुस्तैद पुलिसकर्मी होने के साथ-साथ आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के बेहतरीन पहलवान हैं.
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