समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास पर हुए भीषण धमाके के मामले में अब नया मोड़ आ गया है. इस मामले में पुलिस ने विधायक के दोनों बेटे अविनाश सिंह उर्फ विक्की और अभिषेक सिंह उर्फ सिक्की समेत 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. दरोगा इमरान फरीद की तहरीर पर दर्ज इस मुकदमे में घर के भीतर अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री के संग्रह या निर्माण का शक जताया गया है. धमाका इतना जोरदार था कि न केवल घर की छत उड़ गई और खिड़की-दरवाजे भी तहस-नहस हो गए हैं.
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विस्फोटक की महक ने बदला जांच का रुख
मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुए इस धमाके के बाद जब पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं तो उन्हें वहां गैस सिलेंडर फटने के पुख्ता सबूत नहीं मिले. जांच अधिकारियों को घटनास्थल से विस्फोटक सामग्री की तेज महक आई. इसी आधार पर पुलिस ने आशंका जताई है कि घर के बेसमेंट में अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री जमा की गई थी या वहां कोई खतरनाक निर्माण कार्य चल रहा था. कोतवाली सदर क्षेत्र की पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक के बेटे विक्की, सिक्की, भैया लाल और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
धमाके से मची तबाही
विस्फोट इतना भयावह था कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई. घर की दीवारें ढह गईं और मलबे के साथ टूटे हुए कांच की चादरें काफी दूर तक बिखर गईं. धमाके के वक्त घर में मौजूद विधायक के दोनों बेटे (विक्की और सिक्की) और परिवार के 5-6 सदस्य घायल हो गए थे. फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है. फॉरेंसिक और बम निरोधक दस्ते (BDS) के नमूने अब इस ब्लास्ट की वास्तविक प्रकृति का खुलासा करेंगे.
कौन हैं विजय सिंह?
विजय सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट पर फर्रुखाबाद सदर से विधायक रह चुके हैं. वह 1997 में हुए भाजपा के कद्दावर नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी थे और फिलहाल वाराणसी जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. उनके घर पर हुआ यह धमाका अब शासन और प्रशासन के लिए कानून व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बन गया है.
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