हापुड़ में सपा नेता अय्यूब सिद्दीकी के घर पर बुलडोजर एक्शन, पुलिस छावनी में बदला पूरा इलाका

UP News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में प्रशासन ने सरकारी तालाब की जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी के मकान पर बुलडोजर चला दिया.

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देवेंद्र शर्मा

• 04:08 PM • 13 May 2026

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UP News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में प्रशासन ने सरकारी तालाब की जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी के मकान पर बुलडोजर चला दिया. बुधवार सुबह भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारियों और ड्रोन निगरानी के बीच गांव अमीरपुर नगौला में यह कार्रवाई की गई. प्रशासन ने दावा किया कि मकान सरकारी तालाब की जमीन पर बना था, जबकि सपा नेता अय्यूब सिद्दीकी का कहना है कि उन्हें हाईकोर्ट से स्टे मिल चुका था.

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भारी पुलिस बल के बीच चला बुलडोजर

बुधवार सुबह एडीएम संदीप कुमार सिंह और एएसपी की मौजूदगी में प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर गांव पहुंची. कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया. सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को घरों की छतों तक पर तैनात किया गया था. प्रशासन ने पहले ही तालाब की जमीन पर बने 42 मकानों को नोटिस जारी किया था. कार्रवाई के दौरान ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई.

तालाब की जमीन पर कब्जे का आरोप

प्रशासन के अनुसार अय्यूब सिद्दीकी का मकान सरकारी तालाब की भूमि पर बना हुआ था. अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार नोटिस दिए जा चुके थे, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया. प्रशासन ने इसे अतिक्रमण मानते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की.

सपा कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

बुलडोजर कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए. कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई. बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाया, जिसके बाद बुलडोजर ने मकान को तोड़ दिया. सपा जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि प्रशासन ने उन्हें और अन्य लोगों को नोटिस दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी. सिद्दीकी का दावा है कि बुधवार को सुनवाई के दौरान उन्हें कोर्ट से स्टे मिल गया था, लेकिन प्रशासन ने आदेश का इंतजार किए बिना ही घर गिरा दिया. उन्होंने इस कार्रवाई को जबरदस्ती और नियमों के खिलाफ बताया है.

प्रशासन ने बताया नियमानुसार कार्रवाई

वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है. एडीएम संदीप कुमार सिंह के मुताबिक, मकान तालाब की जमीन पर बना था और अतिक्रमण हटाने के लिए यह कदम उठाया गया. अधिकारियों ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी. फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है.