उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की सरेआम हुई हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है.इस हत्याकांड के बाद उनके पैतृक गांव बंटीखेड़ा में मातम पसरा हुआ है. खराब मौसम और बारिश के बावजूद अपने चहेते कलाकार को अंतिम विदाई देने के लिए बंटीखेड़ा गांव में लोगों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा.रक्षाबंधन के त्यौहार से ठीक पहले इकलौते भाई को खोने वाली बहनों की चीख-पुकार और मां के आंसुओं ने माहौल को बेहद गमगीन कर दिया. इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता डॉ. संजीव बालियान भी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने पुलिस को लेकर गंभीर सवाल उठाए.
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बारिश और आंसुओं के बीच अंतिम विदाई
अंकित बालियान के अंतिम सफर में पूरा बंटीखेड़ा गांव खामोश और गमजदा नजर आया. आसमान से लगातार पानी बरस रहा था. लेकिन अंकित की अंतिम यात्रा में रिश्तेदार, दोस्त और उनके प्रशंसक बड़ी संख्या में डटे रहे. जिस हंसते-खेलते बेटे को कुछ दिनों पहले तक घर से निकलते देखा था उसे इस हाल में देखकर परिवार के लिए यकीन करना मुश्किल हो रहा था. मां के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे.
यह मर्डर नहीं पुलिस को खुली चुनौती है- संजीव बालियान
अंकित के अंतिम सफर में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने मीडिया से बातचीत में घटना पर नाराजगी जाहिर की.संजीव बालियान ने कहा कि 'अंकित हमारा छोटा भाई, भतीजा और पश्चिमी यूपी व हरियाणा के युवाओं का बड़ा कलाकार था. शहर के बीच में जिस तरह से यह वारदात हुई वह सिर्फ अंकित की हत्या नहीं बल्कि पुलिस-प्रशासन को सीधी चुनौती है. यह ठीक उसी तरह की वारदात है जैसे पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई थी.'
उन्होंने आगे कहा कि अपराधियों के फोटो मिल चुके हैं. परिवार को न्याय मिलना चाहिए. अगर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे पश्चिमी यूपी के लोगों में भारी आक्रोश पनपेगा. पुलिस सख्त कार्रवाई या तो खुद करे या फिर जनता के दबाव में करवाई जाएगी.
गोगी गैंग का पोस्ट और राजनीति पर हमला
गोगी गैंग द्वारा सोशल मीडिया पर ली गई जिम्मेदारी पर बोलते हुए संजीव बालियान ने कहा कि अंकित के पिता के अनुसार वह गाना काफी साल पहले लिखा गया था. अब इतने सालों बाद यह सब क्यों हुआ, इन तमाम सवालों के जवाब ढूंढना पुलिस का काम है.
वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा लॉ एंड ऑर्डर पर उठाए गए सवालों पर बालियान ने कहा कि इस दुखद घड़ी में किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए. अगर किसी को सहानुभूति है तो घर आकर मिले, सिर्फ ट्वीट करके राजनीति करना ठीक नहीं है.
इंसाफ के इंतजार में परिवार और गांव
जिम के बाहर घात लगाकर बैठे हमलावरों ने जिस तरह ताबड़तोड़ 15-20 राउंड फायरिंग कर अंकित की हत्या की और आसानी से फरार हो गए, उसने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है और गोगी गैंग के वायरल पोस्ट की सच्चाई की जांच कर रही है. बंटीखेड़ा गांव और अंकित का परिवार अब बस एक ही आस लगाए बैठा है कि हत्यारे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे हों.
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