तीन पीढ़ियों से नमाज पढ़ने वाला परिवार अब करने लगा हनुमान चालीसा का पाठ, आखिर ऐसा क्या हुआ?

Manvendra Singh Hindu Religion: दरसेंडा गांव में तीन पीढ़ियों बाद मानवेंद्र सिंह ने परिवार सहित हिंदू धर्म में घर वापसी की है. मुस्लिम पत्नी शबनम अब सपना सिंह बन गई हैं. दादा द्वारा मुस्लिम धर्म अपनाने के दशकों बाद पोते ने हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा का पाठ कर सनातन धर्म को अंगीकार किया.

Manvendra Singh Hindu Religion

अखिलेश कुमार

• 02:10 PM • 03 Apr 2026

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Manvendra Singh Hindu Religion: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पहाड़ी थाना क्षेत्र के दरसेंडा गांव के रहने वाले मानवेंद्र सिंह के घर में जहां कभी नमाज पढ़ा जाता था, अब वहां हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है. दरअसल मान्वेंद्र ने अपनी तीन पीढ़ियों से चले आ रहे मुस्लिम धर्म को त्याग कर सनातन धर्म अपना लिया है.खास बात यह है कि इस युवक ने अपनी मुस्लिम पत्नी शबनम का भी धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम सपना सिंह रख दिया है.

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हनुमान जयंती के दिन मानवेंद्र ने फिर अपनाया हिंदू धर्म

2 अप्रैल को मनाए गए हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर दरसेंडा गांव के मानवेंद्र सिंह के घर का नजारा बदला-बदला था. कल तक जो परिवार मुस्लिम रीति-रिवाजों को मानता था. आज वहां पूरे विधि-विधान से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया. मानवेंद्र के दादा शहजाद सिंह ने दशकों पहले एक मुस्लिम युवती से निकाह के बाद इस्लाम कुबूल कर लिया था. इसके बाद से परिवार की दो पीढ़ियां मुस्लिम बनकर रह रही थीं. लेकिन अब तीसरी पीढ़ी के मानवेंद्र ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया है.

पत्नी शबनम ने नाम बदलकर कर लिया सपना

बुधवार को शांतिकुंज हरिद्वार की ज्योति कलश यात्रा के गांव पहुंचने पर यह  'घर वापसी' संपन्न हुई. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के धर्मजागरण विभाग और गायत्री शक्तिपीठ के साधु-संतों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन-पूजन के साथ मानवेंद्र, उनकी पत्नी शबनम और उनके तीन बच्चों का शुद्धिकरण कराया गया. मानवेन्द्र की पत्नी शबनम अब सपना सिंह के नाम से जानी जाएंगी. वहीं उनके बच्चों के नाम सोनम,सुहानी और आयुष सिंह रखे गए हैं.

इस वजह से परिवार ने कभी अपनाया था मुस्लिम धर्म

मानवेन्द्र के परदादा हिमाचल सिंह ठाकुर बिरादरी से थे. उनके बेटे शहजाद सिंह के मुस्लिम बनने के बाद परिवार के 5 भाई मुस्लिम हो गए थे.जबकि एक भाई शिव बरन हिंदू ही रहे. मानवेन्द्र ने बताया कि उन्हें अपने हिंदू रिश्तेदारों को देखकर हमेशा अपनी असल पहचान की ओर लौटने की तड़प रहती थी.

'पति के फैसले के साथ हूं'

घर वापसी करने वाले मानवेन्द्र ने बताया कि वह शुरू से ही सनातन धर्म में आस्था रखते थे. इसीलिए उन्होंने अपने बच्चों के नाम भी हिंदू रखे थे. वहीं शबनम से सपना बनीं उनकी पत्नी ने कहा कि 'जब मेरे पति ने हिंदू धर्म अपना लिया तो मैंने भी स्वेच्छा से इसे स्वीकार कर लिया. मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है.मैं अपने परिवार की खुशी के लिए पति के हर फैसले के साथ हूं.' मानवेन्द्र के चाचा अमिताभ सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनका बच्चा अपने घर लौट आया है जिससे पूरा परिवार बेहद खुश है. फिलहाल, इस घर वापसी की चर्चा पूरे जनपद में है.