Mirzapur News: आहत होती आस्था, विंध्याचल के सगरा में फिर से शुरू हुई 'तास की 52 परी' की नाच, प्रतिदिन हो रहा है लाखों का वारा न्यारा

Newzo

• 11:10 AM • 22 Jul 2026

Mirzapur Sagra Gambling Video: विंध्याचल के सगरा क्षेत्र में अवैध जुए के संचालन का मामला फिर चर्चा में है. स्थानीय लोगों ने धार्मिक क्षेत्र में खुलेआम जुआ और नशे के कारोबार पर चिंता जताते हुए पुलिस कार्रवाई की मांग की है. आरोप है कि लंबे समय से सक्रिय गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है.

आहत होती आस्था,, विंध्याचल के सगरा में फिर से शुरू हुई 'तास की 52 परी' की नाच, प्रतिदिन हो रहा है लाखों का वारा न्यारा

आहत होती आस्था,, विंध्याचल के सगरा में फिर से शुरू हुई 'तास की 52 परी' की नाच, प्रतिदिन हो रहा है लाखों का वारा न्यारा

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Mirzapur News: विख्यात देवी धाम विंध्याचल क्षेत्र आराजकता के क्षेत्र के रुप में तब्दील होता जा रहा है. कहने को विंध्य कारिडोर बनने के बाद यहां काफी कुछ बदलाव हुआ है, लेकिन यदि कुछ नहीं बदल पाया है तो यहा व्याप्त आराजकता और नशे से लगाए जुए का कारोबार जिसकी जद में आकर कई परिवार उजड चुके हैं तो कुछ उजडने के कगार पर पहुंच चुके हैं.

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बताया जा रहा है कि विंध्याचल थाना अंतर्गत सगरा में इन दिनों एक जुआ गिरोह फिर से सक्रिय हो गया है. जो खुलेआम जुआ का संचालन कराये जा रहा है. आप वीडियो देखकर अंदाजा लगा सकते है कि इनको किसी बात का डर नहीं की कौन क्या करेगा. फिलहाल ऐसे जुआ संचालकों पर कार्यवाही कर समाज में एक अच्छा संदेश देना चाहिए. लेकिन इलाकाई पुलिस की कृपा दृष्टि तथा सफेदपोश लोगों का संरक्षण होने से इनका बाल बांका भी नहीं हो पा रहा है.

बता दें कि विख्यात देवी धाम क्षेत्र विंध्याचल में जुएं और नशे का कारोबार लंबे समय से संचालित होता हुआ आया है. यहां की पहाडियों से लगाय कुछ विशेष स्थान जुएं के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात है जहां बिहार सहित नेपाल तक के लोग लाखों का दांव लगाते है. पूर्व में ऐसे स्थानों पर पुलिस का छापा भी पड चुका है. नशे से लेकर जुए के अड्डे पर वाराणसी से आकर पुलिस की टीम छापा मार चुकी है, लेकिन स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं हो पाई है. 

धार्मिक क्षेत्र में नशे के व्यापक कारोबार से लेकर जुए का अड्डा सजने से स्थानीय रहवासियों सहित यहां आने वाले आस्थावानों की भी आस्था आहत होती आई है, लेकिन इलाकाई पुलिस की ढुलमुल नीति और सफेदपोश लोगों से मिल रहे संरक्षण से लगाए पुलिस की संलिप्तता ने इसे मजबूरी दे रखा है. देखना अब यह है कि इस और उच्चाधिकारियों का ध्यान कब जाता है.