Barabanki News: लगातार हो रही बारिश तथा शारदा बैराज और गिरिजा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण तहसील रामनगर क्षेत्र में घाघरा घाट के पास सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है. वहीं, तराई क्षेत्र के ग्रामीणों में भी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ने लगी है.
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केंद्रीय जल आयोग की बुधवार सुबह 9 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर 105.900 मीटर दर्ज किया गया. यह जलस्तर अभी खतरे के लाल निशान से 17 सेंटीमीटर नीचे है. नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी मुस्तकीम ने बताया कि अभी नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है और किसी प्रकार की घबराने वाली स्थिति नहीं है. आयोग द्वारा प्रत्येक तीन घंटे पर जलस्तर की निगरानी कर रिपोर्ट जारी की जा रही है, जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके.
उधर, बाढ़ संभावित क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता व्यक्त की है. ग्रामीण राजेंद्र, शिवकुमार, राजितराम और सुनील ने बताया कि फिलहाल नदी का पानी गांव के किनारे तक पहुंच गया है और तेज बहाव बना हुआ है. यदि बैराजों से और अधिक पानी छोड़ा गया तो जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे गांवों में पानी घुसने का खतरा पैदा हो सकता है.
इधर, रामनगर की उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया. उन्होंने संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं. साथ ही जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें.
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