Barabanki News: बाराबंकी में सरयू नदी उफान पर, घाघरा घाट पर जलस्तर चेतावनी स्तर से 4 सेंटीमीटर ऊपर

Newzo

• 02:22 PM • 17 Jul 2026

Barabanki Saryu River Alert: बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और घाघरा घाट पर यह चेतावनी स्तर से 4 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने तटवर्ती गांवों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.

बाराबंकी में सरयू नदी उफान पर, घाघरा घाट पर जलस्तर चेतावनी स्तर से 4 सेंटीमीटर ऊपर

बाराबंकी में सरयू नदी उफान पर, घाघरा घाट पर जलस्तर चेतावनी स्तर से 4 सेंटीमीटर ऊपर

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Barabanki Saryu River Alert: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश तथा शारदा और गिरिजा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण जनपद बाराबंकी की तहसील रामनगर स्थित घाघरा घाट पर सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी का बहाव तेज होने से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है.  केंद्रीय जल आयोग एल्गिन ब्रिज के अनुसार शुक्रवार दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर 105.110 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी (वार्निंग) स्तर से 4 सेंटीमीटर ऊपर है.

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जानकारी के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार वर्षा होने से नदियों में पानी की आवक बढ़ गई है. इसके साथ ही शारदा बैराज और गिरिजा बैराज से लगभग एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका सीधा असर सरयू (घाघरा) नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है. नदी का प्रवाह तेज होने से निचले इलाकों के ग्रामीण स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

केंद्रीय जल आयोग के जूनियर इंजीनियर मुस्तकीम ने बताया कि आयोग की टीम 24 घंटे नदी के जलस्तर की निगरानी कर रही है.  जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और प्रशासन को समय-समय पर सूचना उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.

वहीं, केंद्रीय जल आयोग कार्यालय पर तैनात कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि वर्तमान में सरयू नदी खतरे के लाल निशान से मात्र 94 सेंटीमीटर नीचे बह रही है.  यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा और बैराजों से पानी छोड़ा जाता रहा, तो आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है.प्रशासन ने तटवर्ती गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा गया है और संबंधित विभागों को लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.

 स्थानीय लोगों से भी नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई है. जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग पूरी तरह सतर्क हैं.