Mirzapur News: समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार को सौंपा. पूरे घटनाक्रम को देखते हुए सपा कार्यालय और कचहरी क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था.
ADVERTISEMENT
सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लेकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है.उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाना, शांतिपूर्ण विरोध करना और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का अधिकार है.
प्रदर्शन के दौरान सपा ने ज्ञापन के माध्यम से पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की. साथ ही जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई और समुचित चिकित्सा व्यवस्था तथा आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई.
पूर्व विधायक जगतंबा सिंह पटेल ने कहा कि लोकतंत्र की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और पार्टी कार्यकर्ता किसी भी दमन से डरने वाले नहीं हैं. वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि पुलिस कार्रवाई या जेल भेजने से सपा कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं. प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सपा कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए. पार्टी का आरोप है कि कई नेताओं और पदाधिकारियों को प्रदर्शन से पहले हाउस अरेस्ट भी किया गया.
प्रदर्शन में रोहित शुक्ला, दामोदर प्रसाद मौर्य, आदर्श यादव, सुरेंद्र सिंह पटेल, राजेश भारती, संतोष गौतम, अनीस खान, सत्यप्रकाश यादव, इंदु कुमारी सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे.
ADVERTISEMENT











