SSP Avinash Pandey: उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए ललिता गौतम हत्याकांड के बाद एसएसपी अविनाश पांडे लगातार सियासी दलों और लोगों के निशाने पर बने हुए हैं. एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद उन्हें लगातार घेर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए उन्हें धमकियां भी मिल रही हैं. उनके परिवार पर भी विवादित टिप्पणियां की गई हैं, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. इस बड़े विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर एसएसपी अविनाश पांडे के समर्थन में उतर आए हैं और उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया है.
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प्रदर्शन के दौरान थप्पड़ कांड
ललिता गौतम की हत्या के बाद उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 8 तारीख को कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के लोग कलेक्टेट पर धरना देने पहुंचे थे. काफी देर तक समझाने के बाद भी जब प्रदर्शनकारी मुख्य मार्ग से नहीं हटे, तो पुलिस ने आवश्यक बल का प्रयोग किया. इस दौरान पुलिस ने एक वकील रवि गौतम को हिरासत में लेकर बंदी वाहन में बैठाया. आरोप है कि वाहन के अंदर रवि गौतम ने कुछ ऐसा किया जिससे एसएसपी अविनाश पांडे भड़क गए और उन्होंने उस पर थप्पड़ चला दिए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्ष के नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए और चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने मेरठ पहुंचे.
ओम प्रकाश राजभर का समर्थन
इस पूरे मामले को लेकर जब विवाद बढ़ा तो बलिया पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर सीधे तौर पर एसएसपी अविनाश पांडे के पक्ष में खड़े हो गए. राजभर ने एसएसपी के काम की जमकर तारीफ की और कहा कि मेरठ के एसएसपी ने जो भी किया है, वह बिल्कुल अच्छा किया है. उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि 'क्या अपराधियों पर फूल बरसाए जाएंगे या उन्हें माला पहनाई जाएगी?' राजभर ने कहा कि जो लोग इस मामले को जाति और दलितों से जोड़कर देख रहे हैं, वे समाज को खोखला कर रहे हैं, क्योंकि अपराधी सिर्फ एक अपराधी होता है.
एसएसपी अविनाश पांडे की सफाई
इस पूरे विवाद पर खुद एसएसपी अविनाश पांडे ने अपना बयान जारी कर स्थिति साफ की है. उन्होंने बताया कि 15 मई को ललिता गौतम लापता हुई थीं और 17 मई को उनका शव बरामद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया था. प्रदर्शन के दिन कुछ अराजक तत्वों ने कचहरी मार्ग पर जाम लगा दिया था और महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की थी, जिससे एक महिला उपनिरीक्षक बेहोश हो गई थी. जनता और अन्य वकीलों की शिकायत के बाद ही न्यूनतम बल का प्रयोग कर जाम हटवाया गया. एसएसपी ने विरोध करने वालों से अपील की है कि वे अपनी ऊर्जा अपराधियों का साथ देने या जाति की बात करने के बजाय पेड़ लगाने और समाज की भलाई में लगाएं.
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