ललिता गौतम हत्याकांड के बाद न्याय के लिए सड़क पर उतरे भीम आर्मी के कार्यकर्ता... पुलिस बोली- 'बाहरी तत्व परिवार को भड़का रहे हैं'

यूपी तक

• 06:19 PM • 09 Jul 2026

Lalita Gautam murder case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में मई के महीने में हुए ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बुधवार को सड़कों पर भारी बवाल देखने को मिला है. इस दौरान धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई है.

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Lalita Gautam murder case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में मई के महीने में हुए ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर बुधवार को सड़कों पर भारी बवाल देखने को मिला है. इस दौरान धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई है. हंगामा इतना बढ़ गया कि पुलिस ने रवि गौतम नाम के एक शख्स को थप्पड़ भी जड़ दिया. ललिता गौतम की मौत के बाद से ही इस मामले में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. जहां एक तरफ प्रदर्शनकारी केस में अन्य लोगों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि कुछ बाहरी और असामाजिक तत्व परिवार को भड़काकर इस मामले को अलग रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.

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मई महीने का पूरा घटनाक्रम

यह पूरा मामला मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है. बीए में पढ़ने वाली एक छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के बाद अचानक लापता हो गई थी. परिवार वालों ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की और सुराग न मिलने पर 16 मई को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उन्होंने अंकुश नाम के एक लड़के पर शक भी जताया था. इसके अगले ही दिन 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के पास एक गन्ने के खेत में ललिता का अर्धनग्न शव बरामद हुआ था. इस घटना की खबर फैलते ही इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई थी और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने भी थाने में पहुंचकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए भारी प्रदर्शन किया था.

आरोपी अंकुश ने कबूला अपना जुर्म

पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की, तो अंकुश पुलिस की रडार पर आ गया. पुलिस टीमों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी अंकुश ने बताया कि उसके और ललिता के बीच पहले से प्रेम संबंध थे. घटना वाले दिन जब उसने ललिता का मोबाइल देखा, तो उसे दूसरे लड़कों से बातचीत का शक हुआ. इसी बात पर हुए विवाद के बाद उसने गुस्से में आकर ललिता की हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस ने साक्ष्य मिटाने के आरोप में दो अन्य लोगों के खिलाफ भी धाराएं बढ़ाकर विधिक कार्रवाई की है. इस पूरे केस की विवेचना क्षेत्राधिकारी ब्रह्मपुरी द्वारा की जा रही है.

बाहरी तत्वों पर भड़काने का आरोप

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ललिता के परिवार वाले पुलिस की इस जांच और कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट हैं और इसका वीडियो साक्ष्य भी मौजूद है. लेकिन कुछ अराजक तत्व परिवार को भड़का रहे हैं. बुधवार को कमिश्ररी पार्क में बैठकर शांतिपूर्ण ज्ञापन देने की अनुमति दी गई थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने लोगों को बहला-फुसलाकर कलेक्टेट गेट के सामने सड़क पर बिठा दिया और जाम लगवा दिया. पुलिस ने इस मामले में पांच बाहरी लोगों की पहचान की है, जिनमें अमरोहा से जिला बदर दिग्विजय सिंह भाटी और नोएडा का रहने वाला रवि गौतम शामिल हैं. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद भी जब ये लोग सड़क से नहीं हटे, तो पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया और अब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है.