क्या है ललिता गौतम के मर्डर की पूरी कहानी जिसके चलते ही कल पड़ा रवि गौतम को थप्पड़...आखिर मेरठ में क्या-क्या हुआ?

यूपी तक

• 02:29 PM • 09 Jul 2026

Lalita Gautam Murder Case: मेरठ का चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है. न्याय की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई, रवि गौतम को थप्पड़ मारने के वायरल वीडियो और पुलिस के दावों के बाद मामला फिर गरमा गया है.

Google CTA

Lalita Gautam Murder Case: मेरठ में बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है. मई 2026 में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया था. अब जुलाई में मामले को लेकर हुए प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई, हिरासत में लिए गए रवि गौतम को थप्पड़ मारने के वायरल वीडियो और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के अलग-अलग दावों ने इस केस को फिर सुर्खियों में ला दिया है. एक ओर प्रदर्शनकारी मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कुछ बाहरी और अराजक तत्व आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में सवाल फिर वही है कि आखिर ललिता गौतम हत्याकांड में हुआ क्या था और यह मामला दोबारा क्यों उबाल पर है.

यह भी देखें...

15 मई को परीक्षा देकर निकली थी ललिता

पूरा मामला मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र का है. मई महीने में बीए की छात्रा ललिता गौतम परीक्षा देकर घर लौटी ही नहीं. देर शाम तक जब वह वापस नहीं पहुंची तो परिवार ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के यहां उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई. उसी समय परिवार ने अंकुश नाम के एक युवक पर शक भी जताया था.

गन्ने के खेत में मिला अर्धनग्न शव

गुमशुदगी दर्ज होने के अगले ही दिन मामले ने दर्दनाक मोड़ ले लिया. रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के पास गन्ने के खेत में एक युवती का अर्धनग्न शव मिलने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.

करीब एक घंटे की पहचान प्रक्रिया के बाद पुष्टि हुई कि खेत में मिला शव लापता छात्रा ललिता गौतम का ही है. घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि पहले उनकी बेटी के साथ दरिंदगी की गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई. हालांकि पुलिस ने उस समय कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा.

भीम आर्मी समेत कई संगठनों ने किया प्रदर्शन

घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ जुट गई. लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की. इस दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे और प्रदर्शन किया. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

सीसीटीवी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की. इसी दौरान अंकुश नाम का युवक पुलिस के रडार पर आया. कई टीमों का गठन कर उसे हिरासत में लिया गया.

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका और छात्रा का पहले से प्रेम संबंध था. घटना वाले दिन दोनों साथ गए थे. आरोपी ने दावा किया कि छात्रा के मोबाइल में किसी दूसरे युवक से बातचीत देखकर उसे शक हुआ, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में उसने उसकी हत्या कर दी. पुलिस का कहना था कि आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया है. हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया.

परिजन बोले- बाकी आरोपियों पर भी हो कार्रवाई

हालांकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ. परिजनों और समाज के लोगों का आरोप है कि इस हत्याकांड में अन्य लोगों की भी भूमिका थी, लेकिन पुलिस उस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही. इसी मांग को लेकर एक बार फिर प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसने बुधवार को बड़ा रूप ले लिया.

प्रदर्शन के दौरान हुआ बवाल

प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नरी पार्क से कलेक्ट्रेट की ओर मार्च करने की कोशिश की. प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया. इसी दौरान तनाव बढ़ गया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया.

यही वह घटनाक्रम था जिसमें रवि गौतम नाम के युवक को पुलिस वाहन में बैठाया गया और बाद में एसएसपी द्वारा उसे थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

पुलिस का पक्ष: बाहरी लोगों ने भड़काया आंदोलन

मेरठ पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की गई है. पुलिस के अनुसार 15 मई को छात्रा के लापता होने की सूचना मिली थी और 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र में उसका शव बरामद हुआ.

पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए, जिन पर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगा और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई. पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान लगातार परिवार के संपर्क में रहा गया और उनके उठाए गए सभी बिंदुओं पर कार्रवाई की गई. पुलिस के मुताबिक परिवार पहले जांच से संतुष्ट था, जिसके वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं.

'बाहरी और अराजक तत्वों' पर पुलिस का आरोप

मेरठ पुलिस का आरोप है कि बाद में कुछ बाहरी और अराजक तत्वों ने परिवार को भड़काया और आंदोलन को अलग दिशा देने की कोशिश की. पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए कमिश्नरी पार्क में ज्ञापन देने की अनुमति थी, लेकिन कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट गेट के सामने सड़क पर बैठाकर जाम लगवा दिया. अधिकारियों का कहना है कि पुलिस, प्रशासन और एडीएम सिटी समेत कई अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने.

रवि गौतम और अन्य लोगों पर भी पुलिस का आरोप

पुलिस ने दावा किया है कि पांच लोगों की पहचान की गई है, जिनमें कुछ अन्य जिलों से आए थे. पुलिस के अनुसार इनमें एक व्यक्ति पर पहले राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई हो चुकी है, जबकि एक अन्य पर नोएडा में मुकदमा दर्ज है.

पुलिस ने दिग्विजय सिंह भाटी नाम के व्यक्ति का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. वहीं रवि गौतम, जो नोएडा का निवासी बताया गया है, उस पर भी प्रदर्शनकारियों को उकसाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस का कहना है कि अधिकारियों के बार-बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क से नहीं हटे, जिसके बाद उन्हें हटाया गया और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है.

जांच के बीच फिर गरमाई राजनीति

ललिता गौतम हत्याकांड अब केवल हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया है. यह मामला अब पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शन, हिरासत में व्यवहार, वायरल वीडियो और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन चुका है.

एक तरफ प्रदर्शनकारी निष्पक्ष जांच और अन्य कथित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि कुछ असामाजिक और बाहरी तत्व मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं.

फिलहाल पूरे घटनाक्रम की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इतना तय है कि ललिता गौतम हत्याकांड एक बार फिर मेरठ ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है.