राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में इस्तीफे के बाद चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, बोले- SIT रिपोर्ट के बाद दूंगा हर जवाब!

यूपी तक

• 10:01 AM • 08 Jul 2026

Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने इस्तीफे के बाद पहली बार बयान दिया है. रामभक्तों के नाम लिखी चिट्ठी में उन्होंने कहा कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी आरोपों का जवाब देंगे.

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Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी विवाद के बीच राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय का पहला बयान सामने आया है. ट्रस्ट की 6 जुलाई को हुई बैठक में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया और रामभक्तों के नाम एक हस्तलिखित पत्र जारी किया.

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चंपत राय ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ समय से उन पर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने अब तक मौन रखा है. उन्होंने साफ किया कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी आरोपों और उठाए जा रहे सवालों का क्रमवार जवाब देंगे.

'आपदा काल में ही होती है मित्र की परीक्षा', चंपत राय की पोस्ट चर्चा में

इस्तीफे के बाद चंपत राय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रामचरितमानस की एक पंक्ति साझा की. उन्होंने लिखा- "धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परखिए चारी". इस पंक्ति के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि संकट के समय ही धैर्य, धर्म, मित्र और संबंधों की वास्तविक परीक्षा होती है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किस ओर था.

उनकी इस पोस्ट के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं कि आखिर चंपत राय किस परिस्थिति और किन लोगों की बात कर रहे हैं.

रामभक्तों के नाम चंपत राय की चिट्ठी में क्या लिखा?

चंपत राय ने अपनी हस्तलिखित चिट्ठी को "चंपत राय की पाती रामभक्तों के नाम" शीर्षक दिया. इसमें उन्होंने लिखा कि 7 जून 2026 से श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के दान पात्र की गणना के दौरान हुई चोरी को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में व्यक्तिगत रूप से उनके ऊपर भी कई निराधार आरोप लगाए गए, लेकिन उन्होंने जवाब देने के बजाय मौन रहना उचित समझा.

उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी. हालांकि यह रिपोर्ट पहले गोपनीय थी, लेकिन अब सार्वजनिक हो चुकी है. चंपत राय ने कहा कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह उन सभी सवालों और आरोपों का जवाब देंगे, जो उनके खिलाफ लगाए जा रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि अंतिम जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.

45 साल के संगठनात्मक जीवन का दिया हवाला

चंपत राय ने अपने पत्र में अपने लंबे सामाजिक और संगठनात्मक जीवन का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि अक्टूबर 1991 से उन्हें अयोध्या भेजा गया था और उनका प्रचारक जीवन करीब 45 वर्षों का रहा है. उन्होंने कहा कि उनका जीवन सभी के सामने एक खुली किताब की तरह है और उन्होंने सभी को आदरपूर्वक नमन किया.

ट्रस्ट ने कहा- चंपत राय निर्दोष, लेकिन हुई असावधानी

चंपत राय के इस्तीफे के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया से बातचीत की थी. उन्होंने कहा था कि चंपत राय निर्दोष हैं और उनके खिलाफ किसी तरह की भ्रष्टाचार में संलिप्तता नहीं है.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय की गलती यह रही कि उन्होंने कई मामलों में पर्याप्त निगरानी नहीं रखी. उन्होंने इसे असावधानी और कार्यप्रणाली से जुड़ी कमी बताया. गोविंद देव गिरी ने यह भी कहा कि चंपत राय को अहंकारी कहना सही नहीं होगा, लेकिन वह कई मामलों में अपनी बात पर अड़े रहते थे और अपनी कार्यशैली के अनुसार निर्णय लेते थे.

चढ़ावा चोरी मामले में क्यों उठे चंपत राय पर सवाल?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में चंपत राय लगातार चर्चा के केंद्र में रहे हैं क्योंकि घटना के समय वह राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव थे और मंदिर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उनके पास थी.

SIT जांच और ट्रस्ट की बैठक के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा को अपने पदों से हटना पड़ा. वहीं, ट्रस्ट के कई सदस्यों ने कहा कि वह मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं में सीधे तौर पर शामिल नहीं रहते थे. इस मामले में रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव का नाम भी सामने आया है, जो पहले चंपत राय के करीबी और ड्राइवर रह चुके हैं. टिन्नू यादव को इस मामले में आरोपी बनाया गया है. इसके बाद पूरे विवाद में सवालों का केंद्र एक बार फिर चंपत राय बन गए.

SIT की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल चंपत राय ने पूरे मामले पर विस्तृत जवाब देने के लिए SIT की अंतिम रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की बात कही है. उन्होंने अपने बयान में संकेत दिया है कि जांच पूरी होने के बाद वह सभी आरोपों और सवालों पर खुलकर अपनी बात रखेंगे. अब सबकी नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट और चंपत राय के आने वाले बयान पर टिकी हुई है.