सपा ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, राम मंदिर दान चोरी मामले पर पोस्ट से बढ़ा हुआ था विवाद 

यूपी तक

• 03:01 PM • 07 Jul 2026

राम मंदिर में दान चोरी के मामले को लेकर की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है. समाजवादी पार्टी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है.

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Samajwadi Party Complaint On Nishikant Dubey: राम मंदिर में दान चोरी के मामले को लेकर की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है. समाजवादी पार्टी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है. मामला इटावा से जुड़ा है, जहां सपा नेताओं ने संबंधित पोस्ट को झूठा बताते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है. पार्टी का कहना है कि इस पोस्ट के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की गई है, जिससे राजनीतिक माहौल प्रभावित हो रहा है.

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पोस्ट पर जताई आपत्ति

समाजवादी पार्टी का आरोप है कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर सोशल मीडिया पर जो पोस्ट की, उसमें लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं. इसी आधार पर पार्टी ने इटावा में पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है. सपा नेताओं का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि गलत जानकारी फैलाने वालों पर उचित कदम उठाया जा सके.

पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर क्या कहा

समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि वे लगातार पुलिस से मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें न्यायालय का सहारा लेना पड़ा. पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की जाती है तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा. 

दान चोरी मामला बना विवाद की वजह

बताया जा रहा है कि पूरा विवाद राम मंदिर में दान चोरी से जुड़े मामले पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया के बाद शुरू हुआ. समाजवादी पार्टी का कहना है कि इस पोस्ट के माध्यम से विपक्ष की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक लाभ के लिए झूठा प्रचार किया जा रहा है और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है.

सपा बोली- संविधान के दायरे में करेंगे लड़ाई

समाजवादी पार्टी ने कहा है कि वह अपने अधिकारों की लड़ाई संविधान और कानून के दायरे में रहकर लड़ेगी. पार्टी नेताओं का कहना है कि वे झूठे आरोपों का कानूनी तरीके से जवाब देंगे और मामले को अंत तक ले जाएंगे. फिलहाल इस प्रकरण ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.