Ram Mandir Trust Meeting: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज दोपहर 3:00 बजे एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोप लगने के बाद महासचिव चंपत राय ने अपना इस्तीफा दे दिया था. यह बैठक अयोध्या में राम मंदिर परिसर के अंदर ही आयोजित की जाएगी. इस बैठक में चंपत राय के इस्तीफे को स्वीकार करने या न करने पर बड़ा फैसला हो सकता है. इसके साथ ही ट्रस्ट के नए ढांचे और उससे जुड़े अन्य जरूरी विषयों पर भी चर्चा और फैसले होने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
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चंपत राय के इस्तीफे पर मंथन
अगर इस बैठक में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है, तो सचिव पद के लिए नए चेहरे को जिम्मेदारी दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, सचिव पद के लिए विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय और अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा पहली पसंद बने हुए हैं. बजरंग लाल बांगड़ा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और लंबे समय से वीएचपी के साथ जुड़े हैं. इनके अलावा, ट्रस्टी कृष्ण मोहन का नाम भी सचिव पद के संभावित दावेदारों में शामिल है. इस बैठक में राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप सिंह के निधन के बाद उनकी जगह किसी नए ट्रस्टी को चुनने पर भी बातचीत हो सकती है.
बैठक में शामिल होंगे कई दिग्गज
अयोध्या में होने वाली इस बड़ी बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट से जुड़े तमाम लोग पहुंचने लगे हैं. बैठक में अधिवक्ता और ट्रस्टी के. पारसन, महंत दिनेद्र दास और निपेंद्र मिश्रा सहित कई अन्य पदेन लोग शामिल होंगे. इनके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों में केंद्र सरकार की ओर से सचिव आईएएस प्रशांत लोखांडे, उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी भी मौजूद रहेंगे. इस बैठक से ठीक पहले वीएचपी के मातृ संगठन आरएसएस ने भी एक बयान जारी करके चढ़ावा चोरी के दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है.
कोषाध्यक्ष देवेंद्र गिरी की लंबी चिट्ठी
इस महत्वपूर्ण बैठक के शुरू होने से पहले ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष देवेंद्र गिरी ने एक लंबी चिट्ठी लिखी है, जिसकी हर तरफ काफी चर्चा हो रही है. उन्होंने अपनी चिट्ठी में साफ किया है कि उन्होंने कोषाध्यक्ष पद के लिए कभी कोई निवेदन या प्रयास नहीं किया है. वे हर डेढ़ महीने में ट्रस्ट के काम से अयोध्या आते हैं, लेकिन उन्होंने अपने हवाई सफर या किसी भी यात्रा के लिए ट्रस्ट से एक भी रुपया नहीं लिया है. उन्होंने बताया कि उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट सहयोगी हर महीने आकर आय-व्यय की जांच करते हैं और पूरा हिसाब सुरक्षित है. मंदिर में हुई चोरी को महापाप बताते हुए उन्होंने लिखा कि इस मामले की एसआईटी और पुलिस द्वारा गहराई और निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए, उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है.
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