छोटी मछलियां ही पकड़ी गईं... राम मंदिर के पूर्व कर्मचारी शिवांग त्रिपाठी का सनसनीखेज दावा, बड़े नामों का किया जिक्र

यूपी तक

• 03:35 PM • 03 Jul 2026

Ram Mandir Case: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पूर्व आउटसोर्सिंग कर्मचारी शिवांग त्रिपाठी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने मंदिर में भ्रष्टाचार, भर्ती में रिश्वत, सुरक्षा व्यवस्था में खामियां और सीसीटीवी कैमरों के खराब होने जैसे दावे किए हैं.

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Ram Mandir Case: अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और गबन का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. इस बीच मंदिर में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के तौर पर काम कर चुके शिवांग त्रिपाठी ने कई गंभीर दावे किए हैं. शिवांग का कहना है कि मंदिर में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार लंबे समय से चल रहा था. उनके अनुसार, मंदिर की व्यवस्था पर कुछ चुनिंदा लोगों का प्रभाव था और उन्होंने चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव तथा टिन्नू यादव का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों के इशारे पर अधिकांश काम होते थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि गिरफ्तार किए गए लोग केवल "छोटी मछलियां" हैं, जबकि इस पूरे मामले में अन्य बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच अभी बाकी है. हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है.

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शिवांग त्रिपाठी ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि कई सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े थे और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं थी. उनके अनुसार, जिस स्थान से उनकी बाइक चोरी हुई थी, वहां भी कैमरे काम नहीं कर रहे थे और शिकायत के बावजूद उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली. शिवांग ने आरोप लगाया कि चढ़ावे की गिनती वाले स्थान के पास ड्यूटी के दौरान उन्होंने कई बार कर्मचारियों को कैश ले जाते हुए देखा. उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा गार्ड केवल लोगों की एंट्री दर्ज करते थे, लेकिन किसी कर्मचारी की जांच करने या उसे रोकने का अधिकार उनके पास नहीं था. शिवांग के मुताबिक, मंदिर परिसर में कुछ कर्मचारियों का शोषण भी होता था और कई बार खुलेआम गड़बड़ियां देखने को मिलती थीं.

भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी शिवांग ने गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा है कि मंदिर में नौकरी पाने के लिए या तो प्रभावशाली लोगों की पहचान जरूरी थी या फिर रिश्वत देनी पड़ती थी. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के बीच 20 से 30 हजार रुपये लेकर भर्ती कराने की चर्चाएं होती थीं, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में उनके पास प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हैं. शिवांग का कहना है कि राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि पूरे मामले का सच सामने आ सके. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, छापेमारी और साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है तथा मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.