UPTET 2026: चार साल के लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का आयोजन 2 जुलाई से शुरू हो गया है. परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है. परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की कई स्तरों पर जांच की जा रही है. चूड़ी, पायल, जूते-मोजे जैसी वस्तुएं उतरवाने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है. साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन और आईआरआईएस स्कैनिंग के जरिए प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित की जा रही है. सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और प्रशासन ने पेयजल, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी विशेष इंतजाम किया है, ताकि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
ADVERTISEMENT
यूपीटीईटी-2026 का आयोजन 2 से 4 जुलाई तक प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर किया जा रहा है, जिसमें लगभग 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं. नकल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक सिस्टम और आईआरआईएस स्कैनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा उप एसटीएफ, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें भी पूरी तरह सतर्क हैं और परीक्षा के दौरान हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं.
दरअसल, वर्ष 2021 में पेपर लीक की घटना से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया गया है. अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें यथासंभव नजदीकी परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जबकि महिला और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग इसकी निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं. प्रशासन को उम्मीद है कि सख्त निगरानी, आधुनिक तकनीक और व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के चलते परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और बिना किसी गड़बड़ी के सफलतापूर्वक संपन्न होगी.
ADVERTISEMENT









