Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. पुलिस ने अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को हिरासत में लिया है और जांच का दायरा और भी बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है. आरोप मुख्य रूप से ट्रस्ट से जुड़े सदस्यों पर भी लगाए जा रहे हैं, जिससे मामला और गंभीर होता जा रहा है. वहीं पुलिस जांच में नकदी के साथ-साथ सोने-चांदी की बड़ी मात्रा की बरामदगी भी सामने आई है और आरोपियों की संपत्तियों की गहन जांच की जा रही है, जिसमें बेनामी संपत्तियों की भी आशंका जताई गई है.
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इस पूरे मामले को लेकर वकीलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है. उनका कहना है कि जांच में ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों जैसे चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन को भी शामिल किया जाना चाहिए. वकीलों ने इसे लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की कोशिश भी की. बार एसोसिएशन अध्यक्ष कालिका मिश्रा के नेतृत्व में वकीलों ने न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े आरोपियों को बचाया जा रहा है, जबकि छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए वकीलों की मांगों पर विचार करने और उन्हें सुनने का आश्वासन दिया है. इसी बीच जांच में यह भी सामने आया है कि कृष्ण मोहन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उन्होंने शुरुआत में दर्ज कथित फर्जी प्राथमिकी पर आपत्ति जताई थी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर रही है और लगातार नए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय राजनीति और सामाजिक दबाव के बीच यह मामला और भी संवेदनशील होता जा रहा है.
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