Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या में कथित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार हुए आरोपी टिन्नू यादव के भाई दिनेश यादव ने कई बड़े दावे किए हैं. उन्होंने दावा किया है कि इस पूरे मामले में बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है. दिनेश यादव ने बताया उनके भाई पूरी तरह से निर्दोष हैं और उन्हें इस केस में बलि का बकरा बनाया जा रहा है. इस मामले की जांच के लिए एसआईटी को 15 दिन का समय और दिया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस केस में बड़े एक्शन की बात कही है.
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छोटे लोगों को फंसाया जा रहा
दिनेश यादव का कहना है कि उनके भाई टिन्नू यादव का स्वभाव बहुत अच्छा था. उनके भाई पर आज तक कोई मुकदमा नहीं हुआ था. उनका आरोप है कि इस जांच में बड़े लोगों को बचाया जा रहा है. जबकि छोटे लोगों को ही फंसाया जा रहा है. उन्होंने आगे बताया कि उनके भाई का केस इस समय कोई भी वकील नहीं ले रहा है. उनका मानना है कि इस मामले में अब न्यायालय ही न्याय करेगा.
चंपत राय ने झाड़ा अपना पल्ला
दिनेश यादव ने बताया है कि टिन्नू यादव पिछले 20 सालों से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी थे. इससे पहले टिन्नू ने महेश नारायण सिंह और प्रमन जी के साथ भी काम किया था. दिनेश का आरोप है कि मुसीबत आने पर चंपत राय ने अपना पल्ला झाड़ लिया है. वे कहते हैं कि चंपत राय को टिन्नू यादव को बचाना चाहिए था. पूछताछ के दौरान अनिल मिश्रा ने भी सारा आरोप टिन्नू यादव पर ही डाल दिया है. वे लोग टिन्नू पर ऐसे आरोप लगा रहे हैं मानो टिन्नू ही ट्रस्ट के अध्यक्ष थे.
सिर्फ एक लाख रुपये हुए बरामद
टिन्नू के भाई ने पुलिसिया रिकवरी पर भी बड़े सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि टिन्नू के पास से पुलिस को मात्र एक लाख रुपये ही बरामद हुए हैं. वे बताते हैं कि अन्य आरोपियों के यहां से 18, 20 और 30 लाख रुपये तक रिकवर हुए हैं. दिनेश के अनुसार मात्र एक लाख रुपये वाला व्यक्ति इतना बड़ा अपराधी नहीं हो सकता है. इस समय टिन्नू यादव का पूरा परिवार बहुत हताश और परेशान है. इसी वजह से परिवार का कोई भी सदस्य अभी सामने आने को तैयार नहीं है.
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