Cashless Medical Scheme: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया. इस योजना के तहत प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध करा रही है और इसका पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी.
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सीएम योगी ने कार्यक्रम में कहा कि शिक्षकों को मिलने वाली इस सुविधा के लिए उन्हें किसी तरह का भुगतान नहीं करना होगा. सरकार की ओर से इलाज का खर्च उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके जीवन को सुरक्षित बनाना है.
कैशलेस इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
वाराणसी में आयोजित योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षकों को अब इलाज के लिए पैसों की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने कहा, "कैशलेस की जो सुविधा आपको दी जा रही है, उसका भुगतान प्रदेश सरकार करेगी, आपसे नहीं लिया जाएगा." मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के संचालन में सरकार की ओर से हर साल करीब 450 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. इसके लिए सरकार ने पूरी जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया है.
शिक्षकों समेत शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षा विभाग से जुड़े कई अन्य कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा. सरकार का उद्देश्य है कि कम आय वाले कर्मचारियों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिल सकें. सीएम योगी ने कहा कि इस योजना से शिक्षक, शिक्षामित्र, रसोइया और अन्य अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा.
संविदा कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा इंश्योरेंस कवर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के लिए बीमा सुविधाओं की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि संविदा कर्मचारियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा. इसके तहत अलग-अलग परिस्थितियों में कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.
अस्थायी या आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख से 40 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस कवर मिलेगा.
एयर एक्सीडेंट की स्थिति में 30 लाख से 80 लाख रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध होगा.
कर्मचारी के साथ किसी अनहोनी की स्थिति में उनके बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए भी ऐड-ऑन कवर की सुविधा दी जाएगी.
कम वेतन वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा बीमा लाभ
सीएम योगी ने बताया कि जिन कर्मचारियों का नेट मासिक वेतन 10 हजार रुपये से कम है, उन्हें भी योजना के तहत विशेष सुविधा दी जाएगी.
ऐसे कर्मचारियों को जीरो बैलेंस अकाउंट, एटीएम सुविधा और पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पॉलिसी के आधार पर 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस योजना के दायरे में शिक्षा विभाग के अलग-अलग वर्गों के कर्मचारी शामिल होंगे, ताकि सभी को स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा मिल सके.
SBI के साथ हुआ समझौता, योजना के लिए तैयार किया गया ढांचा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग और State Bank of India के बीच एमओयू किया गया है. इस समझौते के जरिए शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
शिक्षकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत के बाद प्रदेश के लाखों शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि बीमारी के समय उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े. अब देखना होगा कि यह योजना प्रदेशभर के शिक्षकों और कर्मचारियों तक कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से पहुंच पाती है.
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