Nishikant Dubey vs Akhilesh Yadav: भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है. यह पूरा मामला निशिकांत दुबे द्वारा सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव और राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी टिन्नू यादव के संबंध को लेकर किया गया था, जिसके बाद समाजवादी पार्टी के लीगल सेल यानी अधिवक्ता महासभा की ओर से निशिकांत दुबे को एक कानूनी नोटिस भेजा गया था. अब इस नोटिस पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अखिलेश यादव से तीखे सवाल पूछे हैं और कानूनी खर्च का हर्जाना वसूलने की बात कही है.
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सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी. उन्होंने एक अन्य हैंडल के पोस्ट को रीट्वीट किया था, जिसमें दावा किया गया था कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अखिलेश यादव की बातचीत टिन्नू यादव से हुई है. टिन्नू उर्फ रमाशंकर यादव राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोप में जेल में बंद आठ आरोपियों में से एक है. वह मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी और पूर्व ड्राइवर था. इसी पोस्ट को रीट्वीट करते हुए निशिकांत दुबे ने लिखा था कि 'टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था'. उन्होंने सीधे नाम न लेकर अखिलेश यादव के घरेलू उपनाम 'टीपू' का इस्तेमाल किया था, जिससे सपा नेता भड़क गए.
सपा ने भेजा कानूनी नोटिस
निशिकांत दुबे की इस टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि अगर 10 मिनट में यह पोस्ट नहीं हटाया गया तो वह एफआईआर कराएंगे. इसके बाद अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहे इस झूठे प्रचार के खिलाफ उनकी पार्टी कोर्ट जाएगी और एफआईआर दर्ज कराएगी. उन्होंने कहा कि सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं है, इसलिए न्यायालय ही एकमात्र रास्ता है. इसी क्रम में सपा के वकील ने निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा. इसके अलावा सपा कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों में पुलिस को तहरीर दे रहे हैं, हालांकि पुलिस ने अभी तक निशिकांत दुबे के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है.
निशिकांत दुबे का तीखा पलटवार
सपा की ओर से कानूनी नोटिस मिलने के बाद झारखंड के गोड्डा से चार बार के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने करारा जवाब दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने अखिलेश यादव को फुसलाने वाले वकील को अपना कानूनी जवाब कल ही भेज दिया है. उन्होंने पूछा कि इस मामले में किसका मानहानि हुआ है और अखिलेश यादव का नाम किस सरकारी दस्तावेज में 'टीपू' दर्ज है? निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि सपा के लोग उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और वह इस पूरे मामले का कानूनी खर्च सपा के वकील से हर्जाने के रूप में वसूलेंगे. लोकसभा में अपने तीखे बयानों के लिए चर्चित निशिकांत दुबे अब इस मुद्दे पर अखिलेश यादव से सीधे मुकाबला कर रहे हैं.
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