Students Protest: उत्तर प्रदेश की विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पारदर्शिता की मांग को लेकर अभ्यर्थियों और शिक्षकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. 12 जून को लखनऊ में हुए जोरदार प्रदर्शन के बाद अब यह आंदोलनकारी छात्र और प्राइवेट कोचिंग शिक्षक दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंच गए हैं. इसके साथ ही अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 5 जुलाई 2026 को लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की है. छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में विसंगतियों, नॉर्मलाइजेशन और कोचिंग संचालकों के उत्पीड़न का मुद्दा सपा प्रमुख के सामने रखा है, जिसको लेकर अखिलेश यादव ने यह मुद्दा संसद और विधानसभा के सत्र में उठाने का भरोसा दिया है.
ADVERTISEMENT
जंतर-मंतर पर गूंजी छात्रों की आवाज
लखनऊ में प्रदर्शन करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र और शिक्षक दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे है. वहां उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना मंच से अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं. प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों और छात्रों का आरोप है कि सरकार इस आंदोलन को जेल भेजकर दबाने का काम कर रही है और छात्रों की आवाज बनने वाले शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है. अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की यूपीएसआई, यूपी लेखपाल, यूपी होमगार्ड और यूपी कांस्टेबल जैसी परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन के नाम पर लगातार खेल खेला जा रहा है, जिससे योग्य छात्रों का नुकसान हो रहा है.
भर्ती परीक्षाओं में धांधली का आरोप
आंदोलनकारी छात्रों ने बताया कि सरकार ने साल 2021 की यूपीएसआई भर्ती और साल 2023 की यूपी कांस्टेबल भर्ती का स्कोरकार्ड और नॉर्मलाइजेशन डेटा जारी नहीं किया था. अभ्यर्थियों का आरोप है कि नॉर्मलाइजेशन की आड़ में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है. इसके कारण 130 अंक लाने वाले छात्र का चयन हो जाता है, जबकि 135 अंक लाने वाले का सिलेक्शन नहीं हो पाता है. छात्रों ने आरोप लगाया कि 15, 20 और 25-25 लाख रुपये लेकर अपात्र लोगों को अंदर कर लिया जाता है. इसी वजह से मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं.
अखिलेश यादव ने दिया बड़ा भरोसा
इसी सिलसिले में 5 जुलाई 2026 को शिक्षकों और छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिला. उन्होंने सपा प्रमुख को एक 31 सूत्री मांग पत्र सौंपा, जिसमें वेटिंग लिस्ट जारी करने, वार्षिक परीक्षा कैलेंडर बनाने और यूपीपीआरपीबी व यूपी ट्रिपल एससी आयोग में सुधार करने जैसे मुद्दे शामिल हैं. इसके साथ ही प्रयागराज में सील किए गए कोचिंग संस्थानों का मामला भी उनके सामने रखा गया. अखिलेश यादव ने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी आगामी मानसून सत्र में इन मुद्दों को विधानसभा में उठाएगी. उन्होंने कहा कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद सत्र में वे खुद इन सभी मांगों को रखेंगे और भविष्य में उनकी सरकार बनने पर इन भर्ती सुधारों को लागू करेंगे.
ADVERTISEMENT










