Meerut Kanwar Yatra: उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारतवर्ष में सावन माह के दौरान कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है. इस दौरान मेरठ से निकलने वाली कांवड़ यात्रा में कई मुस्लिम युवकों के शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है. कुछ हिंदूवादी संगठनों ने कांवड़ यात्रा में मुस्लिम युवकों के शामिल होने पर कड़ा ऐतराज जताया है. अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने प्रशासन से ऐसे लोगों की पहचान करके और उन पर कड़ी नजर रखने की मांग की है. उनका कहना है कि 'यदि मुस्लिम समुदाय के लोग कांवड़ यात्रा में शामिल होकर जल लाना चाहते हैं, तो उन्हें पहले सनातन परंपरा को अपनाते हुए 'घर वापसी' करनी चाहिए.'
ADVERTISEMENT
मुस्लिम युवकों के कांवड़ पर आपत्ति
सावन महीने की शुरुआत के साथ ही सड़कों पर कांवड़ियों की भारी भीड़ नजर आने लगी है. इसी दौरान मेरठ में कुछ मुस्लिम युवकों के हरिद्वार से कांवड़ और जल लाने की खबर सामने आई है. इस पर अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि 'बिना धार्मिक आस्था के कांवड़ लाना केवल एक दिखावा और ढोंग है.' उनका मानना है कि इस तरह के प्रयासों से आपसी भाईचारे की मिसाल नहीं बनती बल्कि यह धार्मिक आस्था के साथ दिखावा मात्र है.
प्रशासन से जांच कराने की मांग
सचिन सिरोही ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि 'ऐसे लोगों की पहचान की जाए और जांच कराई जाए कि किस जिले से कौन-कौन लोग गए हैं.' उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि 'कांवड़ यात्रा में 4 से 5 करोड़ श्रद्धालु शामिल होते हैं. ऐसे में अगर बीच यात्रा में कोई भी असामाजिक गतिविधि होती है, तो पूरा पर्व प्रभावित हो सकता है. इसलिए सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए.'
घर वापसी करने की रखी शर्त
हिंदूवादी नेता ने कहा कि जब तक ये लोग घर वापसी नहीं करेंगे, तब तक उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि 'अगर ये लोग घर वापसी करके हिंदू बनते हैं और फिर श्रद्धा से कांवड़ लेने जाते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा.' उन्होंने कहा कि दिखावे के बजाय लोगों को सच्चे मन से धर्म का पालन करना चाहिए. अब इस पूरे बयान पर फिलहाल पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
ADVERTISEMENT










