मेरठ के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति ने शुक्रवार को मेरठ पहुंचकर अपना कार्यभार संभाल लिया. खास बात यह रही कि वह चार्ज लेने के लिए पारंपरिक भारतीय वेशभूषा कुर्ता-धोती में पहुंचे. अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों ने बुके देकर उनका स्वागत किया. मेरठ में नई जिम्मेदारी संभालने वाले मूर्ति इससे पहले झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे.
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कौन हैं बीबीजीटीएस मूर्ति?
बीबीजीटीएस मूर्ति 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उनका जन्म 12 फरवरी 1985 को तिरुपति में हुआ था. उनके पिता का नाम बी ईश्वरय्या है. उनका गृह स्थान तेलंगाना के हैदराबाद में है. मूर्ति ने हैदराबाद में शिक्षा हासिल की है. उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक और मार्केटिंग में एमबीए किया है. साल 2015 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए उनका सीधे आईपीएस में चयन हुआ और उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला.
गाजियाबाद में मिली थी पहली पोस्टिंग
आईपीएस बनने के बाद बीबीजीटीएस मूर्ति को साल 2015 में पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में मिली थी. इसके बाद वह लखनऊ में इंटेलिजेंस में एसपी के पद पर भी रहे. वह कासगंज और कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक के पद पर भी तैनात रह चुके हैं. मूर्ति 22 अप्रैल 2025 से झांसी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे. अब उनका तबादला मेरठ कर दिया गया है.
कासगंज में 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त
बीबीजीटीएस मूर्ति की कासगंज में तैनाती के दौरान माफिया के खिलाफ कार्रवाई चर्चा में रही थी. उन्होंने कासगंज के माफिया नफीस अहमद उर्फ कालिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 100 करोड़ 28 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की थी.
झांसी में भी कई मामलों में कार्रवाई
झांसी के एसएसपी रहते हुए बीबीजीटीएस मूर्ति ने अपहरण, साइबर ठगी और हत्या जैसे मामलों को तेजी से सुलझाने की कार्रवाई की. उनके कार्यकाल के दौरान एक अभियान में बीजेपी नेता आशीष उपाध्याय समेत 100 से ज्यादा आईपीएल के सटोरियों को पकड़ा गया. इनपुट के मुताबिक, झांसी में उनके करीब 16 महीने के कार्यकाल के दौरान बदमाशों के साथ पुलिस के 93 एनकाउंटर हुए. इनमें कार्रवाई के दौरान 122 बदमाश घायल हुए.
पुलिस सेवा में मिले कई सम्मान
बीबीजीटीएस मूर्ति को पुलिस सेवा के दौरान कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं. उन्हें साल 2022 में डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर, साल 2023 में डीजी कमेंडेशन डिस्क गोल्ड और साल 2025 में डीजी कमेंडेशन डिस्क प्लेटिनम से सम्मानित किया गया था. अब मेरठ में एसएसपी की जिम्मेदारी संभालने के बाद बीबीजीटीएस मूर्ति के सामने जिले की पुलिस व्यवस्था की कमान होगी.
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