उत्तर प्रदेश में 9 IPS अधिकारियों के तबादले की लिस्ट जारी होने के साथ मेरठ के SSP अविनाश पांडेय को भी हटा दिया गया है. बाकी कई अधिकारियों को दूसरे जिलों में नई जिम्मेदारी मिली, लेकिन अविनाश पांडेय को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है.
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अविनाश पांडेय करीब पांच महीने पहले ही मेरठ के SSP बने थे, लेकिन उनके कार्यकाल में एक के बाद एक विवाद सामने आए. पहले दलित युवकों पर थप्पड़ बरसाने का वीडियो वायरल हुआ और अब मेरठ से विदाई से ठीक पहले एक किसान नेता ने उनके कार्यालय में पिटाई का आरोप लगा दिया.
पहले दलित प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने का वीडियो हुआ था वायरल
अविनाश पांडेय का नाम सबसे ज्यादा जुलाई में हुए थप्पड़ कांड के बाद चर्चा में आया था. मेरठ में BA की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में दलित समाज के लोग कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे थे.
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ. इसके बाद SSP अविनाश पांडेय का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारते नजर आए. पुलिस वाहन में मौजूद वकील रवि गौतम को भी थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया था.
इस घटना को लेकर अविनाश पांडेय समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए SC/ST कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी.
अब जाते-जाते किसान नेता ने लगाया पिटाई का आरोप
मेरठ से हटाए जाने की खबर के बीच अविनाश पांडेय पर एक और गंभीर आरोप लगा है. भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने आरोप लगाया कि उन्हें SSP कार्यालय बुलाकर पीटा गया.
दिग्विजय भाटी के मुताबिक, वह मोहित जाटव के साथ गैंगस्टर के एक मुकदमे में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर SSP से मिलने पहुंचे थे. उनका आरोप है कि SSP के बुलाने पर वह कार्यालय के अंदर गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई.
इसके बाद उन्हें पुलिस लाइन स्थित SOG कार्यालय ले जाने और वहां भी पिटाई किए जाने का आरोप लगाया गया है. दिग्विजय भाटी के मुताबिक, मारपीट में आंख से खून निकल आया, जिसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया. हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया है और अविनाश पांडेय ने भी मारपीट के आरोपों से इनकार किया है.
फरवरी में संभाली थी मेरठ SSP की जिम्मेदारी
अविनाश पांडेय ने 4 फरवरी 2026 को मेरठ SSP का पद संभाला था. करीब पांच महीने के कार्यकाल के दौरान पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर कई अभियान चलाए गए. कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी मेरठ पुलिस की तैयारियां चर्चा में रही थीं, लेकिन इसी कार्यकाल के दौरान विवाद भी लगातार उनका पीछा करते रहे.
अब उनकी जगह 2015 बैच के IPS अधिकारी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया SSP बनाया गया है. वहीं अविनाश पांडेय को जिले की कमान से हटाकर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है.
क्या सिर्फ तबादला या कोई और कार्रवाई?
फिलहाल सरकार की ओर से तबादले के पीछे कोई अलग कारण सार्वजनिक तौर पर नहीं बताया गया है. किसान नेता से मारपीट के आरोपों की सच्चाई भी जांच के बाद ही साफ होगी. ऐसे में आने वाले दिनों में मामला अविनाश पांडेय के लिए सिर्फ ट्रांसफर तक सीमित रहता है या जांच और कार्रवाई आगे बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी.
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