कभी जिस मकान का नाम लेते ही लोग कांप जाते थे, जहां जाने से पड़ोसी भी डरते थे और जिसे इलाके में भूतिया घर कहा जाने लगा था, आज वही जगह श्रद्धा, भक्ति और शांति का केंद्र बन चुकी है. मेरठ के शास्त्री नगर इलाके में साल 2016 के दिल दहला देने वाले ट्रिपल मर्डर के बाद सालों तक वीरान पड़ा यह मकान अब इस्कॉन मंदिर के रूप में नई पहचान पा चुका है. जिस घर में कभी खून बहा था आज वहां घंटियों की आवाज, राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण का जाप माहौल को पूरी तरह बदल चुका है.
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2016 में हुआ था खौफनाक ट्रिपल मर्डर
यह मामला मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट का है. यहां 18 जून 2016 की शाम करीब 4 बजे मकान नंबर 199/5 के अंदर से तीन लाशें बरामद हुई थीं. इंश्योरेंस कंपनी में मैनेजर चंद्रशेखर गुप्ता, उनकी पत्नी पूनम गुप्ता और रिया नाम की एक युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. रिया का शव नग्न अवस्था में बेड पर पड़ा मिला था जबकि चंद्रशेखर और उनकी पत्नी के शव जमीन पर खून से लथपथ पड़े थे. बता दें कि तीनों की चाकू से गोदकर हत्या की गई थी.
सेक्स रैकेट का खुलासा
बता दें कि पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था. जांच में सामने आया था कि मकान मालिक चंद्रशेखर गुप्ता अपने ही घर में कॉलगर्ल के जरिए सेक्स रैकेट चलाते थे. रिया इस रैकेट से जुड़ी हुई थी और यहीं ग्राहकों को बुलाया जाता था. आरोप था कि इस काम के बदले चंद्रशेखर को पैसा और ऐय्याशी दोनों मिलती थीं.
जांच में पता चला कि रिया का प्रेमी विकास उर्फ विक्की इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड था. बताया गया कि विक्की खुद रिया के लए ग्राहक लाता था लेकिन धीरे-धीरे रिया ने उसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था. यह बात विक्की को नागवार गुजरी और उसने रिया की हत्या की योजना बना ली. यही नहीं पैसों की जरूरत वजह से विक्की के साथ उसके दोस्त सचिन सक्सेना और उदयवीर भी इस साजिश में शामिल हो गए.
ऐसे अजाम तक पहुंची वारदात
मेरठ पुलिस के अनुसार, विक्की ने सचिन और उदयवीर को ग्राहक बनाकर रिया के पास भेजा. उस वक्त रिया चंद्रशेखर के मकान में ही मौजूद थी. कमरे में ले जाकर रिया ने सचिन से 1200 रुपये लिए, जिसमें से 100 रुपये चंद्रशेखर को दिलवाए और उन्हें सामान लाने बाहर भेज दिया. इसी दौरान सचिन ने रिया पर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी. जब शोर सुनकर चंद्रशेखर की पत्नी पूनम गुप्ता आईं तो उन्हें भी मार डाला गया. हत्या के बाद दोनों आरोपी अलमारी टटोलने लगे लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा. जब दोनों आरोपियों ने वहां से बाहर निकलने की कोशिश की तो पता चला कि चंद्रशेखर घर का गेट बाहर से लॉक कर गया था. मजबूरन दोनों उसके लौटने का इंतजार करने लगे और जैसे ही चंद्रशेखर वापस आया उसकी भी हत्या कर दी गई.
बता दें कि इस जघन्य हत्याकांड के करीब सात साल बाद मेरठ की अदालत ने तीनों आरोपियों, विकास उर्फ विक्की, सचिन सक्सेना और उदयवीर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.
भूतिया घर की पहचान
हत्याकांड के बाद यह मकान पूरी तरह वीरान हो गया था. चंद्रशेखर गुप्ता के बेटे पहले से ही बाहर रहते थे. घटना के बाद उन्होंने मकान पर ताला लगाया और चले गए. धीरे-धीरे यह घर भूतिया घर के नाम से जाना जाने लगा. आसपास के लोग अजीब-अजीब किस्से सुनाने लगे, डर का माहौल बन गया और कई पड़ोसी भी यहां से घर बेचकर जाने की योजना बनाने लगे.
साल 2020 में आई अच्छी खबर
साल 2020 में यह मकान एक कारोबारी ने खरीद लिया और पुराने ढांचे को गिराकर नई बिल्डिंग बनाई गई. हैरानी की बात यह है कि आज इसी जगह पर इस्कॉन मंदिर का संचालन हो रहा है. सुबह से शाम तक यहां भजन-कीर्तन, आरती और पूजा-पाठ होते हैं. सैकड़ों श्रद्धालु रोज दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इलाके का माहौल पूरी तरह बदल चुका है .
मंदिर के पुजारी ने कही ये बात
इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी बताते हैं कि मंदिर के लिए उन्हें जगह की तलाश थी और इसी बिल्डिंग के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने स्वीकार किया कि इस जगह से जुड़े डरावने किस्से उन्होंने भी सुने थे. “यहां तीन-तीन हत्याएं हुई थीं, इसलिए लोगों में भय था. लेकिन मंदिर की स्थापना के बाद सब कुछ बदल गया है. अब यहां भक्ति संध्या होती है, पूजा-अर्चना होती है, श्रद्धालु सैकड़ों की संख्या में आते हैं. यहां अब कोई नकारात्मक ऊर्जा नहीं बची है.”
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