UP News: कानपुर के जाजमऊ में गंगा किनारे एक विशालकाय डॉल्फिन का शव उतराता हुआ मिला. करीब 5 फिट लंबी इस डॉल्फिन को देखते ही इलाके में सनसनी फैल गई. देखते ही देखते गंगा तट पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. हैरानी की बात यह है कि इस डॉल्फिन का मुंह पूरी तरह खुला हुआ था. मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले कानपुर के गंगा घाटों पर इतनी बड़ी डॉल्फिन कभी नहीं देखी थी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मछुआरों की मदद से भारी-भरकम डॉल्फिन को पानी से निकालकर रेत पर रखवाया गया.
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शिकारी की साजिश या जहरीला पानी?
डॉल्फिन की इस रहस्यमयी मौत को लेकर कयासों का बाजार गर्म है. पुलिस और वन विभाग हर पहलुओं पर जांच कर रहे हैं. माना जा रहा है कि पानी में किसी जहरीले तत्व या जानबूझकर दिए गए जहर की वजह से इसकी जान गई होगी. हालांकि इस बात की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है. स्थानीय लोगों में चर्चा है कि सर्दियों के मौसम में डॉल्फिन के मांस की तस्करी के लिए शिकारी सक्रिय हो जाते हैं. आशंका है कि किसी शिकारी ने इसका शिकार किया हो लेकिन पकड़े जाने के डर से या किसी और वजह से उसे वहीं छोड़ दिया.
क्या कहती है पुलिस?
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि गंगा किनारे मिली मृत डॉल्फिन के बारे में वन विभाग को सूचित कर दिया गया है. वन विभाग की टीम डॉल्फिन का पोस्टमॉर्टम कराएगी, जिसके बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी.
बता दें कि डॉल्फिन को संरक्षित मछली का दर्जा प्राप्त है और गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. जाजमऊ जैसे प्रदूषित क्षेत्र के पास इतनी बड़ी डॉल्फिन का मिलना और फिर उसकी मौत होना गंगा की शुद्धता और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है.
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