मेरठ जेल में 'ड्रम कांड' की मुस्कान से मिली 'सांप कांड' की दामिनी, डेढ़ मिनट हुई बातचीत

उस्मान चौधरी

• 08:35 AM • 21 Jul 2026

मेरठ के अतुल हत्याकांड की आरोपी दामिनी को चौधरी चरण सिंह जिला कारागार भेजा गया है. जेल में उसकी पहली रात बेचैनी में बीती. अगले दिन सुबह गिनती के दौरान उसकी मुलाकात 'नीले ड्रम कांड' की आरोपी मुस्कान से हुई, जहां दोनों के बीच करीब एक से डेढ़ मिनट तक बातचीत हुई.

Damini and Muskan (Photo Enhanced By AI)

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Meerut Snake Murder Case: मेरठ के चर्चित अतुल हत्याकांड में आरोपी दामिनी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला कारागार भेज दिया गया है. जेल में उसकी पहली रात बेचैनी में बीती. बताया गया कि शुरुआत में उसने खाना नहीं खाया और रातभर ठीक से सो नहीं सकी. अगले दिन सुबह गिनती और नाश्ते के दौरान उसकी मुलाकात पति की हत्या के एक अन्य चर्चित मामले, 'नीले ड्रम कांड' की आरोपी मुस्कान से हुई. जेल प्रशासन के अनुसार दोनों के बीच करीब एक से डेढ़ मिनट तक बातचीत हुई और इसके बाद दोनों अपनी-अपनी बैरक की ओर चली गईं.

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सुबह मुस्कान से हुई बातचीत

जेल सूत्रों के अनुसार, दामिनी जेल पहुंचने के बाद सामान्य नहीं दिखी. उसने शुरुआती समय में भोजन करने से इनकार किया और पूरी रात बेचैनी में गुजारी. अगले दिन सुबह जब महिला बंदियों की गिनती और नाश्ते की प्रक्रिया चल रही थी, तभी उसकी मुलाकात पहले से जेल में बंद मुस्कान से हुई. दोनों ने एक-दूसरे का परिचय लिया और कुछ देर तक बातचीत की. वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, दामिनी अब धीरे-धीरे जेल की दिनचर्या में ढल रही है.

बेटे को याद कर भावुक हुई दामिनी

जेल में रहने के दौरान दामिनी कई बार अपने बेटे मानिक को याद करती रही. जेल अधिकारियों के अनुसार, बेटे की याद आने पर वह भावुक भी हुई और उससे मिलने की इच्छा जताई. इसके अलावा उसने अपने माता-पिता से मुलाकात की भी इच्छा जाहिर की और जेल प्रशासन से मुलाकात की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली. मानसिक रूप से खुद को शांत रखने के लिए उसने जेल की लाइब्रेरी से एक धार्मिक पुस्तक भी ली है, जिसे वह पढ़ रही है.

प्रेमी तुषार से मिलने की नहीं जताई इच्छा

जेल प्रशासन के मुताबिक, अब तक दामिनी ने अपने कथित प्रेमी तुषार से मिलने की कोई इच्छा व्यक्त नहीं की है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यदि न्यायालय की अनुमति मिलती है और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होती है, तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत संभव हो सकती है. फिलहाल उसने इस संबंध में कोई आवेदन या अनुरोध नहीं किया है.

जेल प्रशासन ने बताया व्यवहार

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि नए बंदियों के जेल आने के बाद शुरुआती दिनों में घबराहट और असहजता होना सामान्य बात है. उन्होंने कहा कि अन्य महिला बंदियों से बातचीत के बाद दामिनी ने नाश्ता और भोजन किया. जेल प्रशासन लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और उसे जेल के नियमों तथा दैनिक व्यवस्था के अनुसार रहने की जानकारी दी जा रही है.

जेल में कई महिला आरोपी बंद

जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया, वर्तमान में जेल में इस तरह के गंभीर अपराधों में शामिल पांच महिलाएं बंद हैं, जबकि तीन महिलाएं पहले ही रिहा हो चुकी हैं. सुबह गिनती और नाश्ते के दौरान सभी महिला बंदियां एक स्थान पर मौजूद थीं, तभी दामिनी और मुस्कान का आमना-सामना हुआ. प्रशासन के अनुसार दामिनी अब धीरे-धीरे जेल के माहौल और दिनचर्या के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश कर रही है.