Akhilesh Gaur Suspend News: मेरठ में किसान व सपा नेता दिग्विजय भाटी से कथित मारपीट के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश गौड़ को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक BBGTS मूर्ति ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. पुलिस के मुताबिक कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के चलते यह कार्रवाई की गई है. बता दें दिग्विजय भाटी ने कुछ दिन पहले तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे और अखिलेश गौड़ पर मारपीट और टॉर्चर करने के गंभीर आरोप लगाए थे.
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पुलिस ने बताई निलंबन की वजह
पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निरीक्षक अखिलेश गौड़ ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता बरती और स्वेच्छाचारिता की. इन्हीं आरोपों के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. हालांकि, दिग्विजय भाटी की ओर से लगाए गए तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे पर मारपीट के आरोपों को लेकर पुलिस के बयान में अलग से किसी कार्रवाई का उल्लेख नहीं है.
दिग्विजय भाटी ने लगाए थे गंभीर आरोप
कुछ दिन पहले सपा नेता दिग्विजय भाटी ने तत्कालीन मेरठ एसएसपी अविनाश पांडे और SOG इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर गंभीर आरोप लगाए थे. भाटी का दावा था कि उन्हें और उनके साथी मोहित जाटव को करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने टॉर्चर किया. उन्होंने एसएसपी कार्यालय और SOG दफ्तर में जूते, लात-घूंसों और लाठियों से पिटाई किए जाने का आरोप लगाया था. दिग्विजय भाटी ने सपा विधायक अतुल प्रधान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी थी. इस दौरान दिग्विजय भाटी ने कहा था, 'चोली के पीछे क्या है, इसी गाने पर हमें नचवाया जा रहा था.' उन्होंने आरोप लगाया था कि एक बार डांस करने के बाद इंस्पेक्टर ने कहा कि उसने देखा नहीं, इसलिए दोबारा नाचो. भाटी के इन आरोपों का वीडियो भी सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
अखिलेश यादव ने भी उठाए थे सवाल
मामला सामने आने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था, 'किसान का अपमान, देश का अपमान है!' अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि भाजपा सरकार में किसान नेताओं को थर्ड डिग्री की मारपीट से प्रताड़ित किया जा रहा है. उन्होंने इसे किसानों के साथ कथित दुर्व्यवहार बताते हुए सरकार पर निशाना साधा था.
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