बीमारी, तंत्र-मंत्र या कुछ और? बंद कमरे में कैसे कंकाल बन गई प्रियंका, पिता की खौफनाक चुप्पी ने उठाए सवाल

Meerut daughter skeleton case: मेरठ में 34 वर्षीय प्रियंका की मौत का रहस्य गहरा गया है. पीलिया और तंत्र-मंत्र के चक्कर में जान गंवाने वाली बेटी के शव के साथ पिता कई दिनों तक रहा और फिर उसे घर में बंद कर फरार हो गया. पुलिस अब कंकाल बन चुकी बॉडी का पोस्टमार्टम कराकर मौत की असली वजह तलाश रही है.

Meerut daughter skeleton case

यूपी तक

• 03:45 PM • 11 Apr 2026

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Meerut daughter skeleton case: मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र में एक बंद घर के भीतर मिली 34 साल की प्रियंका बिस्वास की बॉडी ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. प्रियंका की मौत कब और कैसे हुई यह सवाल अब जांच की वजह बन गई है. बता दें कि प्रियंका की मौत लगभग 4 महीने पहले हुई थी. इसकी वजह से उसकी बॉडी कंकाल में बदल चुकी थी. इससे भी हैरान कर देने वाली बात ये सामने आई है कि प्रियंका की मौत के बाद खुद उसके पिता ने उसे घर के अंदर बंद कर दिया था. 

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कैसे हुई प्रियंका की मौत?

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रियंका को जौंडिस हुआ था. पिता उदय भान बिस्वास का दावा है कि उन्होंने बेटी का काफी इलाज कराया. लेकिन जब सेहत में सुधार नहीं हुआ तो वह झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़ गए. आशंका जताई जा रही है कि सही समय पर डॉक्टरी इलाज न मिलने और अंधविश्वास के सहारे रहने के कारण प्रियंका की जान चली गई. हालांकि पुलिस हत्या और अन्य एंगल से भी मामले की जांच कर रही है.

मौत के बाद का खौफनाक मंजर

प्रियंका की मौत चार महीने पहले हुई थी. चौंकाने वाली बात यह है कि मौत के बाद कई दिनों तक पिता अपनी इकलौती बेटी के शव के साथ उसी घर में रहे. बाद में वह घर को बाहर से ताला लगाकर हरिद्वार चले गए. इस बीच जब रिश्तेदारों को शक हुआ तो घर का दरवाजा खोला गया. इस दौरान बेड पर प्रियंका का केवल कंकाल पड़ा था. सड़ने की वजह से शरीर का अधिकांश हिस्सा खत्म हो चुका था और केवल एक टांग बची मिली.

बदबू छिपाने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल

पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से परफ्यूम स्प्रे की बोतलें मिली हैं. अंदेशा है कि जब शव सड़ने लगा और उससे दुर्गंध आने लगी तो पिता ने इसे छिपाने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल किया होगा ताकि पड़ोसियों को शक न हो. घर के भीतर रद्दी और कूड़े का भारी ढेर भी मिला है.

क्या कहती है पुलिस?

सीओ कैंट नवीना शुक्ला के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह बीमारी से हुई मौत का मामला लग रहा है. लेकिन पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उदय भान बिस्वास के बयानों में कई विरोधाभास हैं. वह बीच-बीच में पेंशन लेने मेरठ आते थे. लेकिन कभी अपने घर के भीतर नहीं गए. पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिससे यह साफ हो पाएगा कि मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई और साजिश थी. पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या प्रियंका को कमरे में कैद करके रखा गया था? 12 साल पहले प्रियंका की मां ने भी इसी घर में फांसी लगाकर जान दी थी जिससे इस परिवार के अतीत और पिता की मानसिक स्थिति पर गहरे सवाल खड़े हो रहे हैं.