Meerut Divorce Story: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के शास्त्री नगर से एक दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है. यहां एक रिटायर्ड जज ने अपनी बेटी के तलाक के बाद उसे बोझ समझने के बजाय पूरे सम्मान और जश्न के साथ वापस घर लाया. सोशल मीडिया पर इस अनोखे स्वागत की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें परिवार I Love My Daughter लिखी टी-शर्ट पहनकर झूमता नजर आ रहा है.
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2018 में हुई थी शादी प्रताड़ना के कारण टूटा रिश्ता
रिटायर्ड जज की बेटी प्रतीक्षा की शादी साल 2018 में शाहजहांपुर निवासी मेजर गौरव अग्निहोत्री के साथ हुई थी. दोनों का एक बेटा भी है. लेकिन आरोप है कि ससुराल में मानसिक प्रताड़ना और आपसी मनमुटाव के चलते यह रिश्ता टूटने की कगार पर पहुँच गया. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने तलाक की अर्जी को मंजूरी दे दी.
'बेटी पराई नहीं होती'- पिता का भावुक संदेश
बेटी के स्वागत के लिए पिता ने खास इंतजाम किए थे. जैसे ही प्रतीक्षा कार से घर पहुंची, फूलों की वर्षा की गई और ढोल-नगाड़े बजाए गए. पिता ने भावुक होते हुए कहा, 'जब मेरी बेटी पैदा हुई थी, तब भी हमने ऐसे ही खुशियां मनाई थीं. आज वह एक कष्टकारी जीवन से मुक्त होकर आई है, तो हमारे लिए उसका महत्व उतना ही है. बेटी कभी पराई नहीं होती; वह दो परिवारों का निर्माण करती है.'
कुंठा में जीने से बेहतर है नई शुरुआत
पिता ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि कई बार लड़कियां ससुराल में प्रताड़ना सहती रहती हैं क्योंकि पिता या ससुर उनकी बात नहीं सुनते. उन्होंने कहा, "अगर बच्ची कष्ट में है, तो पिता का दायित्व है कि उसे उस कुंठा से बाहर निकाले. एक छोटे से जीवन को घुट-घुट कर जीने का कोई मतलब नहीं है." इस जश्न में शामिल होने के लिए प्रतीक्षा की चचेरी बहन अमेरिका से भी मेरठ पहुंची थीं.
यहां देखें वीडियो रिपोर्ट
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