इंडिगो एयरलाइंस में सफर करने वाले एक पैसेंजर के साथ हुई घटना ने हवाई सफर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लखनऊ के रहने वाले सक्षम पाठक का आरोप है कि एयरलाइन की कस्टडी में रहने के दौरान उनके बैग की सील तोड़कर उसके अंदर रखी टाइटन ऑटोमैटिक घड़ी चोरी कर ली गई. इस मामले में पीड़ित ने FIR दर्ज करा दी है. दूसरी तरफ पीड़ित का दावा है कि शिकायत के बावजूद एयरलाइन प्रबंधन मामले को टालकर सटीक कार्रवाई नहीं कर रहा है.
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क्या है पूरा मामला?
सक्षम पाठक 14 फरवरी 2026 को इंडिगो की फ्लाइट (6E 6130 और 6E 6488) से लखनऊ आए थे. सक्षम के दावे के अनुसार, उन्होंने ओडिशा के झारसुगुड़ा एयरपोर्ट पर इंडिगो कर्मियों के सामने अपने दो बैग सील करवाए थे. लखनऊ पहुंचने पर जब उन्हें बैगेज मिला तो एक बैग की सील गायब थी और उसकी चेन खुली हुई थी. जांच करने पर पता चला कि बैग के अंदर रखी कीमती घड़ी गायब है.
सक्षम ने सोशल मीडिया और मेल के जरिए अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि यह घड़ी उनके लिए सिर्फ एक घड़ी नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से बहुत कीमती थी. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान स्टाफ ने स्कैनिंग के जरिए घड़ी की पहचान की और फिर बैग खोलकर उसे निकाल लिया. सक्षम ने सवाल उठाया, "अगर सीआईएसएफ (CISF) और एयरलाइन स्टाफ पैसेंजर के बैग से माचिस या लाइटर निकालने के लिए बैग खुलवा सकते हैं, तो सीलबंद बैग से चोरी होने पर उनकी जवाबदेही क्यों नहीं है?"
वीडियो में देखें सक्षम में क्या कहा?
एयरलाइन पर लगा ये बड़ा आरोप
पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने कई बार ईमेल किए और कॉल की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला. उन्होंने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट पर इंडिगो के सुरक्षा प्रभारी से भी मुलाकात की, लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली. सक्षम का दावा है कि इंडिगो लखनऊ की टीम ने उनका फोन तक ब्लॉक कर दिया है.
इंडिगो ने दिया जवाब- 'हमें चोरी का कोई सबूत नहीं मिला'
इस मामले में इंडिगो की ओर से आए आधिकारिक ईमेल में कहा गया है कि उन्होंने आंतरिक जांच की है, लेकिन उन्हें बैगेज के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या चोरी का कोई प्रमाण नहीं मिला है. एयरलाइन ने पीड़ित को सलाह दी है कि भविष्य में कीमती सामान चेक-इन बैगेज के बजाय अपने साथ केबिन बैगेज में रखें. हालांकि, एयरलाइन ने आश्वासन दिया है कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे.
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