मेरठ सेंट्रल मार्केट की 44 इमारतें होंगी सील, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से व्यापारियों में हाहाकार, ये है पूरा मामला

मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 44 आवासीय भवनों को सील किया जाएगा. इनमें स्कूल, अस्पताल और बैंकट हॉल शामिल हैं. व्यापारियों ने इसका कड़ा विरोध किया है.

Meerut News

उस्मान चौधरी

• 10:50 AM • 08 Apr 2026

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मेरठ में शास्त्री नगर के प्रसिद्ध सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंडों पर चल रहे व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है. अदालत ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए उन सभी बड़े व्यावसायिक परिसरों, स्कूलों, नर्सिंग होम और बैंकों को सील करने का निर्देश दिया है जो आवासीय जमीन पर बिना अनुमति के चल रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद व्यापारियों, डॉक्टरों और स्कूल संचालकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है.

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44 प्रतिष्ठानों पर गिरेगी गाज, खाली करने का नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश मिलते ही आवास विकास परिषद की टीम ने 44 प्रमुख भवनों को तत्काल खाली करने की सूचना दे दी है. चिह्नित की गई इन इमारतों में:

  • 6 निजी अस्पताल/नर्सिंग होम
  • 6 बड़े स्कूल
  • 4 बैंकट हॉल
  • 28 व्यावसायिक परिसर (जिन्हें पूरी तरह कमर्शियल बना दिया गया है)

अदालत ने मानवीय पक्ष को देखते हुए निर्देश दिया है कि स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों का दाखिला दूसरी जगह कराया जाए और अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सुरक्षित दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए.

1400 से ज्यादा दुकानें रडार पर

शास्त्री नगर के सेक्टर 1 से 13 तक कुल 1400 से ज्यादा ऐसी दुकानों को चिह्नित किया गया है जो नियमों के विरुद्ध बनी हैं. कोर्ट की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई व्यापारियों ने कार्रवाई के डर से खुद ही अपनी दुकानों से सामान हटाना और अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है. व्यापारियों का आरोप है कि कई लोगों ने लैंड यूज चेंज  के लिए विभाग में पैसा भी जमा किया था, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली.

सड़क पर उतरे व्यापारी और विधायक

इस कार्रवाई को लेकर पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है. व्यापारियों ने इसे जीवन-मरण का संकट बताते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई है. प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने छाती पीट-पीटकर अपना दुख व्यक्त किया. इसी बीच समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान भी मौके पर पहुंचे और व्यापारियों का समर्थन किया. व्यापारियों का तर्क है कि वे नियमित रूप से टैक्स और जीएसटी (GST) भर रहे हैं, ऐसे में उनका कारोबार उजाड़ना अन्यायपूर्ण है.

9 अप्रैल को टिकी हैं सबकी नजरें

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होनी है. तब तक प्रशासन, पुलिस और आवास विकास परिषद की संयुक्त टीमें सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देने की तैयारी में हैं.