UP बोर्ड रिजल्ट का काउंटडाउन शुरू! कॉपियों का मूल्यांकन हुआ पूरा, अप्रैल में ही जारी हो जाएगा 10वीं-12वीं का परिणाम

UP Board Result 2026: UP Board 10वीं और 12वीं के 2026 रिजल्ट का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है. कॉपियों का मूल्यांकन 4 अप्रैल तक पूरा हो चुका है और अब टेबुलेशन व डेटा प्रोसेसिंग का काम जारी है.

UP News

पंकज श्रीवास्तव

08 Apr 2026 (अपडेटेड: 08 Apr 2026, 10:51 AM)

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UP Board Result 2026: इन दिनों 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए स्टूडेंट्स का इंतजार करना मुश्किल हो गया है. स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता के बीच रिजल्ट देखने का उत्साह बढ़ता जा रहा है. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का रिजल्ट जल्द जारी किया जा सकता है. बता दें कि बोर्ड ने मूल्यांकन का काम पूरा कर लिया है और अब रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस वक्त टेबुलेशन और डेटा प्रोसेसिंग का काम जारी है, जिसके पूरा होते ही परिणाम घोषित कर दिया जाएगा. अगर पिछले कुछ सालों के रुझानों को देखा जाए तो मूल्यांकन समाप्त होने के 15 से 25 दिनों के भीतर रिजल्ट जारी किया जाता है. ऐसे में इस बार भी अप्रैल के तीसरे या चौथे सप्ताह में परिणाम घोषित होने की संभावना जताई जा रही है.

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अप्रैल में ही जारी हो जाएगा रिजल्ट

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि 10वीं और 12वीं कॉपियों का मूल्यांकन कार्य पूरा होने के बाद अब रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. उनके अनुसार मूल्यांकन खत्म होने के बाद रिजल्ट तैयार करने में लगभग 20 से 25 दिन का समय लग जाता है. उनकी इसी बात से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि रिजल्ट अप्रैल के आखिरी सप्ताह में घोषित किया जा सकता है.

4 अप्रैल को पूरा हुआ कॉपियों का मूल्यांकन

यूपी बोर्ड सचिव ने यह भी बताया कि 2026 की परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चला और इसे कुल 15 वर्किंग डेज में पूरा कर लिया गया है. इवैल्यूएशन के काम के लिए प्रदेश भर में 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे. इन केंद्रों पर करीब पौने तीन करोड़ (लगभग 2.87 करोड़) कॉपियों का मूल्यांकन किया गया है. बता दें कि इस काम में 1 लाख 53 हजार परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई गई. इसके साथ ही परीक्षकों के लिए मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया था.

कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ कॉपियों का मूल्यांकन

मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई थी. हालांकि शुरुआत में मूल्यांकन का काम 18 मार्च से 1 अप्रैल के बीच पूरा होना था, लेकिन बीच में ईद और रामनवमी की छुट्टियों के कारण मूल्यांकन की तिथि बढ़ाकर 4 अप्रैल तक कर दी गई थी. मूल्यांकन पूरा होने के बाद अब रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है.

18 फरवरी से शुरू हुई थीं बोर्ड परीक्षाएं

बता दें कि इस बार यूपी बोर्ड के एग्जाम्स 18 फरवरी से शुरू हुई थीं और 12 मार्च तक चली थीं. इस परीक्षा में हाई स्कूल के 27 लाख 61 हजार 696 और इंटरमीडिएट के 25 लाख 76 हजार 082 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड थे. इस प्रकर दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल 53 लाख 37 हजार 778 परीक्षार्थी रजिस्टर हुए थे. इसमें से लगभग हाईस्कूल में करीब 26 लाख और इंटरमीडिएट में करीब 24.5 लाख परीक्षार्थियों ने एग्जाम दिए थे. दोनों कक्षाओं को मिलाकर लगभग 2.87 लाख परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे थे.

बता दें कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं पूरे प्रदेश में बनाए गए 8033 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित कराई गई थीं. इसके अलावा परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर निगरानी व्यवस्था लागू की गई थी.

पिछले साल 25 अप्रैल को घोषित हुआ था रिजल्ट

गौरतलब है कि साल 2025 में यूपी बोर्ड का रिजल्ट 25 अप्रैल को घोषित किया गया था. उस समय कॉपियों का मूल्यांकन पूरा होने के 23 दिन बाद परिणाम जारी किया गया था. इसी पैटर्न को देखते हुए इस साल भी उम्मीद जताई जा रही है कि रिजल्ट तय समय पर जारी कर दिया जाएगा और छात्रों का इंतजार जल्द समाप्त होगा.

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