UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग ने भारी आंधी-तूफान को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी भी जारी की है. मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती परिसंचरण और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम में बदलाव हुआ है. इसके प्रभाव से 30 मई को पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. इस बदलाव के चलते राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी जिससे प्रदेश से हीटवेव पूरी तरह समाप्त हो जाएगी.
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30 मई को इन जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 30 मई की सुबह पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है. इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी जो बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. तेज आंधी-तूफान के साथ-साथ मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की भी विशेष चेतावनी दी है.
बुंदेलखंड और मध्य यूपी: बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर.
पूर्वांचल और तराई क्षेत्र: सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर.
पश्चिम यूपी: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं और इनके आसपास के क्षेत्र.
आम जनजीवन और फसलों पर पड़ेगा असर
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और भारी बारिश के चलते होने वाले नुकसान को लेकर भी अलर्ट किया है जिसके लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है. तेज हवाओं और वज्रपात के कारण बिजली व्यवस्था ठप हो सकती है और दृश्यता कम हो सकती है. मौसम खराब होने पर लोग घरों के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें और यात्रा करने से बचें. जलस्रोतों से तुरंत बाहर निकलें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं या पेड़ों के नीचे आश्रय बिल्कुल न लें. निचले इलाकों में जलजमाव होने की भी आशंका है.
किसानों के लिए विशेष सलाह
इस मौसम में खड़ी फसलों जैसे गन्ना, मक्का, उर्द और मूंग के गिरने या उनके फूल-फल झड़ने की संभावना है. आम और केले के बागानों को भी नुकसान पहुंच सकता है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे तेज हवाओं के दौरान सिंचाई बिल्कुल न करें, पौधों को सहारा दें और जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें.
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