UP Kanwar Yatra: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने 30 जुलाई से शुरू होने वाली श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और आरामदायक बनाने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार सहित देश के प्रमुख मार्गों पर करीब 300 अतिरिक्त रोडवेज बसें चलाई जाएंगी. कावंड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों की रफ्तार पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी, इसके साथ ही बस चालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट भी किया जाएगा. प्रदेश की सरकार यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम को भी स्थापित करेगी.
ADVERTISEMENT
सुरक्षित यात्रा के लिए कड़े नियम
परिवहन निगम ने बसों के सुरक्षित संचालन के लिए सख्त कदम उठाए हैं. यात्रा के दौरान बसों की गति को निर्धारित सीमा के भीतर रखने के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही सभी चालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया जाएगा, जिससे कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा से कोई भी समझौता न हो. अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करें और उनकी हर संभव सहायता करें, जिससे कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी मार्ग बाधित न हो.
इन प्रमुख मार्गों पर विशेष नजर
कांवड़ यात्रा की शुरुआत में सबसे ज्यादा श्रद्धालु हरिद्वार जाते हैं, इसलिए हरिद्वार मार्ग पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं. इसके साथ ही लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले रास्तों पर भी जरूरत के हिसाब से ज्यादा बसों का इंतजाम किया जाएगा. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि 11 अगस्त को शिवरात्रि के मुख्य पर्व पर आगरा, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़ और सहारनपुर के मार्गों कांवड़ यात्रियों की सबसे ज्यादा भीड़ रहेगी, इसलिए इन मार्गों पर 11 अगस्त को विशेष सावधानी बरती जाएगी.
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए हर क्षेत्रीय मुख्यालय पर 24 घंटे चलने वाला एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा. परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के अनुसार, श्रावण मास में पड़ने वाले सभी प्रमुख दिनों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. इस बार पहला सोमवार 3 अगस्त, दूसरा सोमवार 10 अगस्त, श्रावण शिवरात्रि 11 अगस्त, तीसरा सोमवार 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा. इन दिनों में बसों का संचालन जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए डायवर्जन और वैकल्पिक रास्तों पर ही किया जाएगा.
यह भी पढ़िए: उत्तर प्रदेश से दक्षिण भारत जाना हुआ आसान, मथुरा जंक्शन और आगरा कैंट पर रुकेंगी ये 4 सुपरफास्ट ट्रेन
ADVERTISEMENT











