Vrindavan Temple News Today: मथुरा ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए शुक्रवार को हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की 14वीं बैठक आयोजित की गई. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिर की सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से मंथन किया गया.
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बैठक में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया. पुराने सीसीटीवी कैमरों को हटाकर अब हाई डेफिनेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस कैमरे लगाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई. इसके साथ ही विद्यापीठ चौराहे से मंदिर के प्रवेश द्वार तक रेलिंग लगाने के कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई.
न्यायमूर्ति ने मंदिर के चबूतरे पर हो रहे अतिक्रमण के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की. वहीं श्रद्धालुओं से अभद्रता और अवैध वसूली की मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान सिक्योरिटी सर्विसेज के अनुबंध और उनके कर्मचारियों के व्यवहार पर चर्चा की गई. स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में सदस्य के रूप में सेवानिवृत्त जिला जज मुकेश मिश्रा, वर्तमान जिला जज विकास कुमार, जिलाधिकारी/सदस्य सचिव चंद्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन. सहित राजभोग व शयनभोग समूह के प्रतिनिधि और गोस्वामी समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे.
मंदिरों के जीर्णोद्धार को मिलेगी रफ्तार
बैठक में बांके बिहारी मंदिर सहित जनपद के अन्य प्राचीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्यों को गति देने पर सहमति बनी. बांके बिहारी मंदिर के हॉल के सौंदर्यीकरण के लिए 760.39 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा राधाकुंड स्थित कुंज बिहारी मंदिर, वृंदावन के बवनपुरी हनुमान मंदिर, मोहन बाग और स्नेह बिहारी मंदिर के सामने स्थित शिवालयों के जीर्णोद्धार के लिए भी लाखों रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
वित्तीय पारदर्शिता पर जोर, अक्षय तृतीया की तैयारी
दानदाताओं की सुविधा के लिए आयकर की धारा 80जी के तहत प्रमाण पत्र जारी करने पर विचार किया गया. मंदिर के लॉकरों में रखी स्वर्ण एवं रजत धातुओं के मूल्यांकन और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए. आगामी अक्षय तृतीया पर्व को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. साथ ही मंदिर के स्वर्ण-रजत झूला, सिंहासन और सीढ़ियों की मरम्मत के लिए विशेषज्ञ कारीगरों को सुरक्षा के बीच कार्य करने की अनुमति देने पर भी चर्चा हुई.
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