मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत ने पूरे ब्रज क्षेत्र को झकझोर दिया है. घटना के बाद सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है. इस वीडियो में बाबा के शव के पास उनके शिष्य और समर्थक चीखते-बिलखते नजर आ रहे हैं. इसी बीच एक बड़ा दावा सामने आया है कि बाबा ने अपने एक प्रिय शिष्य की जान बचाने के लिए खुद को गाड़ी के सामने झोंक दिया.
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क्या है शिष्य को बचाने वाली थ्योरी?
घटनास्थल पर मौजूद लोगों और मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात निकलकर आई कि जो युवक वीडियो में सबसे ज्यादा रो रहा है, वह गाड़ी के सामने आ गया था. उसे बचाने के चक्कर में फरसा वाले बाबा खुद वाहन की चपेट में आ गए. समर्थकों का आरोप है कि 21 मार्च की सुबह लगभग 4:00 बजे बाबा गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे और इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई.
यहां देखें वीडियो
पुलिस का बयान- गौ तस्करी नहीं, कोहरे के कारण हुआ हादसा
मथुरा पुलिस का पक्ष समर्थकों के दावों से बिल्कुल अलग है. मथुरा एसपी के मुताबिक, अब तक की जांच में गौ तस्करी जैसा कोई एंगल सामने नहीं आया है. पुलिस के अनुसार, बाबा ने एक संदिग्ध वाहन (कंटेनर) को रुकवाया था, जिसमें किराने का सामान लदा था. घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे एक राजस्थान नंबर के ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रक में तार लदे थे और उसका चालक-परिचालक अलवर के रहने वाले हैं.
बाबा की मौत की खबर मिलते ही दिल्ली-आगरा हाईवे पर भारी भीड़ ने जाम लगा दिया. आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की और पथराव किया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और टियर गैस (आंसू गैस) का सहारा लेना पड़ा. इस संवेदनशील मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त एक्शन लिया जाए.
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