मथुरा के प्रसिद्ध गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की हत्या मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में आ गए हैं. सीएम ने मथुरा की इस घटना के बाद अफसरों को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून हाथ में लेने वाले और गौतस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
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क्या था पूरा मामला?
बता दें कि यह पूरी घटना शनिवार तड़के करीब 4:00 बजे की है. जब फरसा वाले बाबा को इलाके में गौतस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी. वे अपनी मोटरसाइकिल से संदिग्धों का पीछा करने निकले थे. आरोप है कि नवीपुर गांव के पास तस्करों ने उन्हें रुकने के बजाय गाड़ी से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हालांकि, पुलिस इसे दुर्घटना का भी एंगल दे रही है, लेकिन समर्थकों का दावा है कि यह एक सुनियोजित हत्या है.
ग्राउंड जीरो पर भारी तनाव और बवाल
इस घटना के बाद मथुरा के छाता क्षेत्र में स्थिति विस्फोटक हो गई थी. आक्रोशित गौरक्षकों और समर्थकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर घंटों जाम लगाए रखा और पुलिस पर पथराव भी किया. पुलिस को स्थिति नियंत्रण में करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. मौके पर अभी भी भारी पुलिस बल तैनात है और फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश में छह टीमें जुटी हुई हैं.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप है. एक आरोपी को दबोच लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है. सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. शासन की प्राथमिकता अब क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ फरार आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने की है.
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